MP Contract Electricity Employees Protest : मध्य प्रदेश में संविदा बिजली कर्मचारी-अधिकारी नियमितीकरण के लिए विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से नाराज हैं। इसके विरोध में प्रदेशभर के संविदा बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर को एक दिवसीय आंदोलन कर काम बंद रखेंगे।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो दिवाली से पहले सात दिन का नोटिस देकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। ऐसे में दिवाली जैसे बड़े त्योहार के दौरान प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के मुताबिक, ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को परिपत्र जारी कर संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए विभागीय परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। आदेश के अनुसार, 31 अक्टूबर तक भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी थी। लेकिन करीब दो महीने बीतने के बाद भी परीक्षा कराने के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
फोरम का कहना है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से प्रदेश के करीब पांच हजार संविदा बिजली कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारी लंबे समय से परीक्षा और नियमितीकरण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। विभागीय आदेश के बावजूद नोटिफिकेशन जारी नहीं होने को लेकर उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
फोरम ने प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग, प्रबंध संचालक और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के सचिव को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी है। कर्मचारियों के मुताबिक, विभाग को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि 5 अक्टूबर तक परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर अब 22 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर काम बंद रखने का फैसला लिया गया है।
यूनाइटेड फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष आरएस कुशवाह ने कहा है कि यदि सरकार ने इसके बाद भी परीक्षा को लेकर निर्णय नहीं लिया, तो दिवाली से पहले सात दिन का नोटिस देकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। फोरम की ओर से प्रदेश के कलेक्टरों, सांसदों और विधायकों को भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं। कर्मचारियों की चेतावनी के बाद अब ऊर्जा विभाग के अगले कदम पर नजर रहेगी। यदि आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहता है, तो त्योहार के दौरान बिजली सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।