सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक।
23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की योजना रहेंगी जारी।
स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।
15 नवंबर को तीन स्थानों पर मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती।
Mohan Cabinet Meeting Tuesday: सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में 23 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने का फैसला अहम रहा। बैठक के बाद एमएसएमई के मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया से कैबिनेट में लिए गए इन फैसलों की जानकारी को साझा किया।
गौरतलब है, इंदौर शहर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश के शहरी विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण पहल की गई। जिसके चलते एमपी में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। साथ ही सड़क नेटवर्क पर भी सरकार का विशेष फोकस रहा और इन्हें मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस योजना में रजिस्ट्री का पूरा शुल्क मध्य प्रदेश सरकार भर रही है। रजिस्ट्री लोगों के लिए उनकी संपत्ति के मालिकाना हक का प्रमाण बनेगी। इससे उन्हें जरूरत पड़ने पर बैंक से लोन लेने में भी आसानी होगी। सरकार के मुताबिक, अब तक 15 लाख रजिस्ट्री हो चुकी हैं। 15 नवंबर तक यह संख्या 20 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं साल के अंत तक 50 लाख रजिस्ट्री करने का लक्ष्य रखा गया है।
मोहन सरकार की अगली कैबिनेट बैठक दीपावली के बाद 18 नवंबर को गांधीसागर में प्रस्तावित है। यह बैठक डेस्टिनेशन कैबिनेट की पहल के तहत आयोजित की जाएगी। इससे पहले अहिल्याबाई से जुड़े स्थान और जगदीशपुर में भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों पर केंद्रित रखा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अगली बैठक में किसान वर्ष पर विशेष फोकस रहेगा।
प्रदेश में 15 नवंबर को जननायक बिरसा मुंडा की जयंती बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए तीन स्थानों का चयन किया है। इन जगहों पर जयंती कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हालांकि चयनित स्थानों के नाम की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
बता दें कि कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 23 हजार 228 करोड़ रुपए की योजनाओं को निरंतर जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसमें वन विभाग की 8 योजनाएं शामिल हैं। इनमें प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की निवेश संबंधी योजना को भी जारी रखा जाएगा।
कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग से जुड़े चार कार्यों को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इनमें पन्ना जिले की मझगांव सिंचाई योजना, विदिशा जिले की लटेरी तहसील से जुड़ी योजना और मऊगंज की हनुमंता सिंचाई योजना शामिल हैं। इसके अलावा सिंहस्थ के दौरान शिप्रा नदी में पर्याप्त जल प्रवाह बनाए रखने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य सिंहस्थ के समय नदी में पानी का बहाव बनाए रखना है।
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में शहरी विकास, संपत्ति के अधिकार, किसानों की समस्याओं, सरकारी कर्मचारियों और सिंचाई योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। सरकार ने जहां 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की तैयारी की है, वहीं स्वामित्व योजना के तहत साल के अंत तक 50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा है। अब अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधीसागर में प्रस्तावित है।
कैबिनेट में किसानों को लेकर भी फैसला लिया गया है। मध्य प्रदेश में धान खरीदी के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है। अब तक जो किसान पंजीयन नहीं करा पाए हैं, वे 4 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
दूसरी ओर बुधवार, 4 नवंबर को भोपाल में लोकतंत्र बचाओ रैली का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।
दीपावली से पहले हुई आखिरी कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कैबिनेट के सभी सदस्यों और उनके परिवारों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का त्योहार सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए।
मध्य प्रदेश में नए शहर बसाने से लेकर गांवों में लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने तक मोहन सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे और सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। साल के अंत तक 50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है।