मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

बुंदेली समागम में CM मोहन यादव का लाड़ली बहना पर मजाकिया तंज; बोले- बहुत भारी मार पड़ती है

CM Mohan Yadav In Bundeli Samagam 2026: भोपाल के 'बुंदेली समागम' में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान- "लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई।" कंटेंट क्रिएटर के सवाल पर मजाकिया टिप्पणी से गरमाई सियासत।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

CM Mohan Yadav Humorous Remark On Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'बुंदेली समागम' में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अनौपचारिक अंदाज में संवाद करते हुए कई दिलचस्प बातें कहीं, जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान छतरपुर की लोकप्रिय बुंदेली कंटेंट क्रिएटर 'बिन्नू रानी' ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आपने अपनी जिज्जियों (बहनों) के लिए तो बहुत कुछ किया है, लेकिन जिज्जियों की बिन्नुओं (बेटियों) के लिए आप क्या करना चाहते हैं? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मजाकिया लहजे में चुटकी लेते हुए कहा, "तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। मुझे क्या पता था मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।

बहनों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है सरकार- सीएम मोहन यादव

हालांकि, सीएम डॉ. मोहन यादव ने तुरंत बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपनी बहनों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा, "हमने कहा है कि हमारी बहनों के लिए कोई तकलीफ नहीं होगी। शुरुआत में यह यात्रा 1,000 रुपए से शुरू हुई थी। उस वक्त काफी कठिनाइयां थीं, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1,500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। चिंता मत करो, अभी लाड़ली बहना के लायक तुम छोटी हो, जब थोड़ी और बड़ी हो जाओगी, तब तुम्हें भी दे देंगे।"

उमंग सिंघार ने किया पोस्ट - पहले लाड़ली अब परेशानी

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव से पहले लाड़ली, सत्ता में आते ही “परेशानी”! यही है भाजपा का महिला सम्मान।

एक नजर में 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के आंकड़े:

घोषणा और शुरुआत: इस योजना की घोषणा तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा 28 जनवरी 2023 को की गई थी, और इसका औपचारिक शुभारंभ 5 मार्च 2023 को हुआ था।

  • शुरुआती आंकड़े: शुरुआती दौर में योजना के तहत 1 करोड़ 25 लाख 6 हजार 186 महिलाएं पात्र थीं। जून 2023 में जारी पहली किस्त के दौरान 1,18,22,623 महिलाओं को कुल 1,143.15 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई थी।

  • वर्तमान स्थिति (सितंबर 2026): सितंबर 2026 की 40वीं किस्त के तहत अब तक 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 महिलाओं के खातों में 1,500 रुपए प्रति महिला की दर से कुल 1,835 करोड़ 9 लाख 22 हजार 450 रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

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