Navbharat Live Exclusive Analysis On MP Kisan Andolan: दो दिनों तक राजधानी भोपाल में चले किसान आंदोलन का गुरुवार को समापन हो गया। इस आंदोलन ने जहां किसानों की एकजुटता का संदेश दिया, वहीं सरकार और प्रशासन की कार्यशैली भी चर्चा का विषय बनी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और नवभारत लाइव के मध्य प्रदेश हेड सुधीर दंडोतिया ने इस आंदोलन के कई पहलुओं पर बात की और सटीक विश्लेषण रखा।
सुधीर दंडोतिया ने कहा कि किसानों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक नया माइलस्टोन स्थापित किया। वहीं सरकार ने भी किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाकर संवाद और समाधान का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, किसी भी लोकतंत्र में बातचीत के माध्यम से समाधान निकलना सबसे बेहतर रास्ता होता है।
सुधीर दंडोतिया ने आगे बताया कि इस आंदोलन का सबसे सकारात्मक पक्ष पुलिस और प्रशासन का संयमित रवैया रहा। किसानों ने कई स्थानों पर बैरिकेड्स तोड़े, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम में धैर्य और सौम्यता बनाए रखी। कहीं भी लाठीचार्ज जैसी स्थिति नहीं बनी, जिससे यह संदेश गया कि संवेदनशील परिस्थितियों को भी शांति और संवाद के जरिए संभाला जा सकता है।
सुधीर दंडोतिया ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा चली कि आंदोलन के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हाथ है। हालांकि उन्होंने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि बिना ठोस तथ्यों के किसी बड़े नेता का नाम जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार, इतने वरिष्ठ और अनुभवी नेता से इस तरह की राजनीतिक भूल की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
यह भी पड़ें: दतिया उपचुनाव: दतिया में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, ग्रामीण क्षेत्रों में बूथों पर लगी लंबी कतारें
सुधीर दंडोतिया का साफ कहना है कि यह आंदोलन आने वाले समय में किसान आंदोलनों के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जाएगा, जहां किसानों की एकजुटता, सरकार की संवेदनशीलता और पुलिस-प्रशासन के संयम ने मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था का सकारात्मक संदेश दिया।
https://youtu.be/Wsq2HAE3Wsg?si=p7fLs0ptGmj1pIr_