Government Bus Service In Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सार्वजनिक परिवहन बस सेवा को पुनः प्रारंभ कर दिया है।
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर 351 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
शुरुआती चरण में यह सेवा भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी के रूप में शुरू की गई है। इन 351 बसों में से 180 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो प्रदूषण मुक्त सफर सुनिश्चित करेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए किराया मात्र 2 रुपये प्रति किलोमीटर रखा गया है। बसों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से इन बसों में प्रीमियम सीटिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर और जीपीएस के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
सरकार का लक्ष्य पहले साल में 1,500 बसें और 2031 तक 15,000 बसें सड़कों पर उतारने का है। साथ ही, 2029 तक प्रदेश के सभी 55 जिलों के 3000 से अधिक रूटों पर बसें चलाने की योजना है, जिससे दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों और 75% ग्राम पंचायतों को सीधे जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने क्लीन ट्रांसपोर्ट को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि देश के वायु प्रदूषण में ट्रांसपोर्ट सेक्टर की 40% हिस्सेदारी है, जिसे कम करना हमारा लक्ष्य है। इस दौरान उन्होंने बस ऑपरेटरों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बसों की गुणवत्ता में काफी सुधार की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "बसें सुधारिए, नहीं तो जैसे कॉन्ट्रैक्टर्स को रगड़ने का काम करता हूं, वैसे ही आपको भी रगड़ूंगा।"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर पूर्ववर्ती कांग्रेस पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 21 साल पहले एक योजनाबद्ध षड्यंत्र के तहत सरकारी बसों के चक्के जाम कर राज्य परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था। उस दौर में प्रदेश की जनता सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने बीआरटीएस कॉरिडोर की समस्या सुलझाई है, भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन किया है और बालाघाट जैसे जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराया है। इसके अलावा, एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती और केन-बेतवा जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं को भी उन्होंने सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिनाया।