Highlights :
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने मध्य प्रदेश के कारोबारियों को बनाया था निशाना।
इंदौर, भोपाल, सतना और खरगोन में रंगदारी और धमकी के मामले सामने आए।
जनवरी से मार्च के बीच प्रदेश में धमकी और रंगदारी के 9 मामले दर्ज होने की जानकारी।
सतना के कारोबारी रुद्र त्रिपाठी और भोपाल के गौरव जैन से 10-10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला।
STF SIT Action Against Lawrence Gang : एमपी में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कारोबारियों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने की कोशिश की थी। इंदौर, भोपाल, सतना और खरगोन समेत प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में कारोबारियों को धमकियां दी गईं। पुलिस के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च के बीच रंगदारी और धमकी से जुड़े कुल 9 मामले सामने आए। हालांकि एमपी पुलिस की कार्रवाई से गैंग के नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया।
साल की शुरुआत में प्रदेश के कारोबारियों को धमकी भरे कॉल आने का सिलसिला सामने आया। इंदौर और खरगोन के रईस कारोबारियों के साथ राजधानी भोपाल में भी रंगदारी मांगने की घटनाएं हुईं। इन मामलों में कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर डराने और मोटी रकम वसूलने की कोशिश की गई। लगातार मिल रही धमकियों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी, जिसके बाद जांच और कार्रवाई तेज की गई।
फरवरी में सतना जिले के शिवराजपुर निवासी कारोबारी रुद्र त्रिपाठी, उम्र 60 वर्ष, को 10 करोड़ रुपये की रंगदारी देने की धमकी मिली थी। बताया गया कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की चेतावनी दी गई। इसके बाद उन्होंने मुंबई के ठाणे स्थित नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। इसी तरह भोपाल के कारोबारी गौरव जैन से भी 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया।
कारोबारियों को लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गैंग के नेटवर्क की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (SIT) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया। एमपी पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जुड़े कई बदमाशों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गैंग के नेटवर्क और धमकियों के पीछे सक्रिय लोगों को लेकर अहम जानकारियां सामने आईं।
जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले हैरी बॉक्सर का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में हैरी बॉक्सर और उसके नाम का इस्तेमाल करने वाले बदमाशों की भूमिका की जांच की गई। अब पुलिस अमेरिका से हैरी बॉक्सर के प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी है ताकि नेटवर्क से जुड़े अहम पहलुओं की पड़ताल की जा सके।
जांच अधिकारियों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पुलिस का दबाव बढ़ने और गिरफ्तारियों के बाद गैंग से जुड़े कुछ गुर्गे महाराष्ट्र की ओर चले गए। इसके बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरे कॉल बढ़ने की बात सामने आई। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदेश के कारोबारियों को सुरक्षा देना और रंगदारी के इस नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना है।