

Highlights:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे को लेकर बड़ी घोषणा की है
नेशनल पुलिस मेमोरियल पर गृह मंत्री ने घोषणा की है
नशे के खिलाफ लोगों से एकजुट होकर लड़ने की अपील की
Amit Shah On Drug Free India: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब के दौरे पर थे। पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। और वहां की सबसे बड़ी समस्या ड्रग्स को लेकर उन्होंने बड़ी घोषणा की है। गृह मंत्री ने बुधवार को 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने की घोषणा की। उन्होंने 2026 के बचे हुए समय और अगले तीन वर्षों में नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। दिल्ली में 'नेशनल पुलिस मेमोरियल' पर 'पुलिस स्मृति दिवस' के मौके पर बोलते हुए शाह ने यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पूरे देश के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस मौके पर शाह ने कहा कि हमने 31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
एक बयान के अनुसार, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 के बचे हुए समय और अगले तीन वर्षों के दौरान नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने देश भर के पुलिस बलों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए 'नशा मुक्त भारत' के रोडमैप को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों से बचाया जा सके।
अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाती है, अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक बोझ डालती है और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाती है। इस लक्ष्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए, गृह मंत्री ने देश भर के पुलिस बलों से पूरी लगन के साथ इस अभियान में शामिल होने और 2029 के अंत तक 'नशा मुक्त भारत' का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने देश की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह की यह घोषणा ऐसे समय में हुआ है। जब पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की गई। मंगलवार को गृह मंत्री उनके परिवार से मिले हैं। इसी दौरान हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया गया। नशा को लेकर पंजाब की सरकार बीजेपी के निशाने पर है। बीजेपी ड्रग्स तस्करी को पंजाब चुनाव के लिए मुख्य मुद्दा बना चुकी है। अब गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ लड़ाई को एक कदम आगे बढ़ाकर डेडलाइन फिक्स कर दिया।