कुणाल चौधरी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

'कर्ज, क्राइम और करप्शन का माहौल है', MP कांग्रेस ने मोहन सरकार पर साधा निशाना, कुणाल चौधरी ने कही बड़ी बात

Congress Target Mohan Yadav Government: कुणाल चौधरी ने मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिर्फ 28% गेहूं ही खरीदा। साथ ही उन्होंने DAP खाद का भी मुद्दा उठाया।

सजल रघुवंशी

Kunal Choudhary Statement On MP Farmers: मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ मोहन यादव सरकार किसानों के लिए नई योजनाएं लेकर आ रही है तो वंही दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी मोहन सरकार पर जमकर निशाना साध रही है। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों से गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया था लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।

कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की किसान हितैषी गारंटी प्रदेश में विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में कर्ज, क्राइम और करप्शन का माहौल है और किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

सरकार ने 28 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा- कुणाल चौधरी

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में इस साल 365.11 लाख मीट्रिक टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ लेकिन सरकार ने केवल 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जो कुल उत्पादन का करीब 28 प्रतिशत है। उन्होंने सरकार पर हमला साधते हुए आगे कहा कि सरकार के आंकड़ों के अनुसार 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था, जबकि खरीदी केवल 13.40 लाख किसानों से की गई। ऐसे में लाखों किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जा सकी।

रायसेन में हुए कार्यक्रम को बताया इवेंट और तमाशा

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल चौधरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगातार किसानों की आवाज उठाने के बाद ही खरीदी प्रक्रिया में तेजी आई। वहीं रायसेन में आयोजित किसान कार्यक्रम को उन्होंने किसानों के नाम पर इवेंट और तमाशा करार दिया।

कांग्रेस शासनकाल में 700 रुपये में मिलती थी डीएपी खाद- कुणाल चौधरी

खाद की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कृणाल चौधरी ने साफ कहा कि कांग्रेस शासनकाल में डीएपी खाद लगभग 700 रुपये में उपलब्ध थी, जो अब बढ़कर 2400 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने मोहन सरकार पर किसानों के नाम पर राजनीति करने और खाद, डीजल समेत अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। कुणाल चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है और सरकार किसान हितैषी होने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।

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