उमंग सिंघार और कुणाल चौधरी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

कैलाश विजयवर्गीय के पत्र पर कांग्रेस का हमला, उमंग सिंघार बोले- सरकार की खुली पोल; कुणाल ने भी साधा निशाना

Umang Singhar Attack BJP : कैलाश विजयवर्गीय के पत्र को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।

प्रीतेश जैन

Kailash Vijayvargiya Letter Controversy: मध्य प्रदेश की सियासत में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखे जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने विजयवर्गीय के पत्र को सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल बताया है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर लिखा कि "मुख्यमंत्री की पोल खोलते उनके ही वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय!" उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ मंत्री ने खुद लिखा है कि पिछले ढाई वर्षों में उन्हें "असहयोग, उपेक्षा और विरोध" का सामना करना पड़ा।

विजयवर्गीय ने उठाए ये मुद्दे

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि विजयवर्गीय ने इंदौर का मास्टर प्लान, मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंदौर की अनदेखी, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन, पीथमपुर की उपेक्षा, जल संकट और सिंहस्थ से जुड़े कार्यों में इंदौर को नजरअंदाज किए जाने जैसे मुद्दे उठाए हैं।

ढाई साल तक आवाज क्यों नहीं उठाई

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रदेश के विकास से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे थे तो ढाई साल तक मंत्री रहते हुए इस पर आवाज क्यों नहीं उठाई गई? सिंघार ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की लड़ाई और अहंकार की राजनीति का नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ रहा है।

कुणाल चौधरी ने भी सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने भी X पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सरकार के वरिष्ठ मंत्री ही "असहयोग, उपेक्षा और विरोध" की बात कर रहे हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नाराजगी नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल है।

सत्ता में बैठे लोगों की नहीं सुनी जा रही तो...

कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि यदि सत्ता में बैठे लोगों की बातें नहीं सुनी जा रही हैं तो आम जनता की समस्याओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि जब मंत्री ही उपेक्षा की बात कर रहे हैं तो प्रदेश के विकास के दावों की वास्तविकता क्या है?

भाजपा के अंदरूनी मतभेद को लेकर सियासत तेज

कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले को भाजपा सरकार के अंदर चल रही खींचतान से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कैलाश विजयवर्गीय के पत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया है।

https://youtu.be/1PTgKsHna-M?si=f5tOiNNgNtmSvQkd

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