भोपाल से दिल्ली तक मचेगा हड़कंप, उमंग सिंघार का बड़ा ऐलान; 1 अगस्त को देश भर के कलेक्टॉरेट घेरेगा विपक्ष

Congress Nationwide Campaign: एमपी में बड़ा सियासी उबाल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और पेपर लीक के खिलाफ 1 अगस्त को कलेक्टर दफ्तरों का घेराव।
Umang Singhar announces nationwide Collectorate protest on August 1
उमंग सिंघार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Umang Singhar Statement: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भर्ती में देरी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली जैसे मुद्दे केवल सड़कों पर ही नहीं बल्कि आगामी विधानसभा सत्र में भी मजबूती से उठाए जाएंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष के साथ मौजूद 'छात्रों की गूंज' अभियान के संयोजक डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस, भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा संयुक्त रूप से 25 जून से 9 अगस्त 2026 तक देशभर में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर 'छात्र सत्याग्रह' के तहत कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा, जबकि 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम आयोजित होगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं और छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाना है।

मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

उमंग सिंघार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि एमपीपीएससी और एमपीईएसबी की परीक्षाओं में लगातार देरी और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में डाल दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 1,069 स्वीकृत पदों में से 793 पद रिक्त हैं, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षा पर अपने बजट का केवल 0.96 प्रतिशत खर्च कर रही है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

NEET-UG 2026 पर सरकार को घेरा

नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित धांधली का उल्लेख करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है। उन्होंने दावा किया कि इस परीक्षा में मध्यप्रदेश के 1.20 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द होने और उससे उत्पन्न अव्यवस्था के कारण देशभर में 21 छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें मध्यप्रदेश की दो छात्राएं भी शामिल थीं। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए कई मांगें रखीं। इनमें नीट सहित सभी बड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच, समयबद्ध वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करना तथा प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग सेंटर में मेंटल हेल्थ काउंसिल का गठन और प्रशिक्षित मेंटल हेल्थ काउंसलर की अनिवार्य नियुक्ति शामिल है।

छात्रों को श्रद्धांजलि

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उमंग सिंघार और डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने राजधानी भोपाल के अंबेडकर पार्क पहुंचकर उन छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी मृत्यु को उन्होंने व्यवस्था की विफलता का परिणाम बताया। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि आगामी सप्ताह के दौरान देशभर में विभिन्न स्थानों पर दिवंगत छात्रों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी।

https://youtu.be/elaS5bF1wdY?si=O_u8ufZsphi1Xc8I

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