Former IAS Niyaz Khan Politics: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने की इच्छा जताते हुए सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट किया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार और गिरते राजनीतिक स्तर को देखते हुए राजनीति में आना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन उनके अनुसार उनके "हिंदू उदारवादी विचारों" के कारण कांग्रेस उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।
अपने पोस्ट में नियाज खान ने लिखा, "देश में गिरती राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए राजनीति में आना जरूरी है। मैं कांग्रेस पार्टी में जाना चाहता हूं, पर मेरे हिंदू उदारवादी विचारों के कारण वे मुझे नहीं लेंगे। अगर भविष्य में कॉक्रोच पार्टी आती है तो मैं उसे ज्वाइन करूंगा। राजनीति की सेवा सबसे बड़ी सेवा है।" उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इससे पहले भी नियाज खान कई विवादित और चर्चित पोस्ट कर चुके हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए दावा किया था कि भारत में अधिकांश मामलों में पीड़ित कुर्ता, पायजामा, दाढ़ी और टोपी पहने हुए थे। उन्होंने लिखा था कि इस तरह के पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है, इसलिए मुस्लिम समुदाय को अपना ड्रेस और हुलिया बदल लेना चाहिए। उनके इस बयान पर भी सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ी थी।
नियाज खान ने लोकतंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा था कि कई देशों ने लोकतंत्र तो अपना लिया, लेकिन उसके मूल सिद्धांतों को लागू नहीं किया। उनके अनुसार लोकतंत्र के नाम पर नेता और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जबकि जनता मुफ्त की सुविधाओं में उलझी हुई है।
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इससे पहले उन्होंने बढ़ती आबादी पर टिप्पणी करते हुए अनिवार्य नसबंदी की वकालत की थी। उस पोस्ट में उन्होंने सभी समुदायों के लिए कड़े जनसंख्या नियंत्रण उपायों की बात कही थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय का भी उल्लेख किया गया था। उस बयान को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। पूर्व आईएएस अधिकारी के ताजा राजनीतिक बयान और पुराने विवादित पोस्ट एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल कांग्रेस की ओर से उनके बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।