पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान का विवादित बयान, कहा- 'मॉब लिंचिंग से बचना है तो बदलें पहनावा और हुलिया'

Niyaz Khan Controversy: पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। मॉब लिंचिंग को लेकर दिए बयान में उन्होंने मुस्लिम समुदाय को पहनावा बदलने की सलाह दी, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
Niyaz Khan Viral Statement
नियाज खान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Niyaz Khan Viral Statement: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने देश में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुस्लिम समुदाय को अपनी पहचान छिपाने का सुझाव दिया है।

नियाज खान ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भारत में मॉब लिंचिंग के अधिकांश मामलों में पीड़ित विशेष पहनावे में थे। नियाज खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत में मॉब लिंचिंग के ज्यादातर मामलों में पीड़ित कुर्ता, पायजामा, दाढ़ी और टोपी पहने हुए थे। उनका कहना है कि इस पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है। इसलिए मुस्लिमों को अपना ड्रेस और हुलिया बदल लेना चाहिए।

लोकतंत्र पर भी उठाए सवाल

एक अन्य पोस्ट में नियाज खान ने लोकतंत्र पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि कई आजाद देशों ने लोकतंत्र तो अपनाया, लेकिन उसके मूल सिद्धांत नहीं अपनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के नाम पर नेता और अफसर जमकर पैसा लूटते हैं, जबकि जनता मुफ्त की सुविधाओं में व्यस्त रहती है।

पर्यावरण और राजनीति में सुधार की वकालत

9 जुलाई को किए गए एक अन्य X पोस्ट में उन्होंने समाज और राजनीति को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। 9 जुलाई को किए गए अन्य पोस्ट में नियाज खान ने लिखा कि भौतिकवाद ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है और लोगों को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम और ईमानदार लोगों को राजनीति में आना चाहिए, क्योंकि आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों के चुने जाने से लोकतंत्र कमजोर होता है।

इससे पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

कुछ समय पहले उन्होंने अपने एक X पोस्ट में लिखा था कि 'देश की डेढ़ अरब आबादी नासूर बन गई है। अब समय आ गया है कि लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करने पर विचार किया जाए। या लोग खुद नसबंदी कराएं या सरकार जबरिया नसबंदी करे। मुस्लिम के यहां ज्यादा बच्चे होते हैं इसलिए कड़ाई से उनकी भी नसबंदी हो। अगर हम यह नहीं करते तो भविष्य अंधकारमय है।'

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