CM Mohan Yadav Bold Statement On UCC: मध्य प्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक 2026 पास हो चुका है। बता दें कि, इस बिल को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने इस बिल का कड़ा विरोध किया यहां तक की विपक्ष ने इसे संघ का एजेंडा भी करार दिया।
वहीं अब विपक्ष के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट बयान सामने आया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा राष्ट्रहित और राष्ट्रवाद से जुड़ा है, तो उसे एक नहीं बल्कि 100 बार लागू किया जाएगा।
बता दें कि डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को सामाजिक समानता, महिला अधिकारों और एक देश-एक कानून की दिशा में बड़ा कदम बताया है। यानी विपक्ष के विरोध और जोरदार हंगामे के बीच सरकार का रुख साफ है कि नया कानून धर्म के आधार पर नहीं बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान जिम्मेदारियों के सिद्धांत पर आधारित है।
वंही दूसरी तरफ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विपक्ष द्वारा इसे आरएसएस का एजेंडा बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि आरएसएस का एजेंडा राष्ट्रहित, राष्ट्रवाद और देश को मजबूत बनाने से जुड़ा है, तो ऐसी सोच को एक नहीं बल्कि सौ बार लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
गौरतलब है की, आज मध्य प्रदेश इस यूसीसी को लागू करने वाला चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले यह यूसीसी बिल गुजरात, असम और उत्तराखंड में लागू हो चुका है। मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि इस कानून के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी।
सदन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुष इस कानून के पक्ष में हैं।
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मुख्यमंत्री के अनुसार, यूसीसी महिलाओं को समान अधिकार दिलाने और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं, विपक्ष ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाते हुए आंकड़ों की प्रमाणिकता पर चर्चा की मांग की और विधेयक पर विस्तृत विचार-विमर्श की आवश्यकता बताई।
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