

Jitu Patwari Target BJP Government On UCC: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने का कड़ा विरोध किया है। भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यूसीसी राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है।
जीतू पटवारी ने कहा कि नौ करोड़ प्रदेशवासियों की सरकार की प्राथमिकता यूसीसी नहीं, बल्कि जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों का समाधान होना चाहिए। प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, किसान परेशान हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है तथा महंगाई और भ्रष्टाचार अपने चरम पर हैं।
केंद्र और राज्यों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अखंड भारत की बात करने वाली भाजपा अलग-अलग राज्यों में अलग कानून बनाकर लोगों को भ्रमित कर रही है। यदि सरकार कानून बनाना चाहती है, तो उसे युवाओं को शिक्षा और रोजगार की गारंटी देने वाला कानून लाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में 25 वर्षों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद युवाओं को पर्याप्त रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल सकी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री यह दावा नहीं कर सकता कि उसके विभाग में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से काम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है।
विधानसभा सत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि सत्र केवल पांच दिन का है लेकिन सरकार एक साथ कई विधेयक ला रही है। इससे किसानों, युवाओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर सदन में गंभीर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों पर बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है जबकि भारत के छोटे किसान सीमित सहायता पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी शुरू से इस समझौते का विरोध कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा गेहूं 2,700 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने और सोयाबीन समेत अन्य फसलों के बेहतर समर्थन मूल्य देने के वादे पूरे न होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है।
जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और अब तक आयोजित इन्वेस्टर्स समिट (निवेशक सम्मेलनों) पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सम्मेलनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद आखिरकार कितना वास्तविक निवेश आया, कितने उद्योग लगे और कितने युवाओं को रोजगार मिला।
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