Bhopal MSME Conclave 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित "समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्य प्रदेश" कार्यक्रम में प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 एमएसएमई इकाइयों को 360 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की और नए उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के तहत चयनित उद्यमियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लाभार्थियों को ऋण राशि के चेक भी सौंपे गए। सरकार का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति से दो करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा उद्यमियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से करीब सवा करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक एमएसएमई इकाइयों के लगभग सभी लंबित देयकों का भुगतान किया जा चुका है। कृषि कल्याण वर्ष के तहत फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ उद्यमियों को मिलेगा।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 5.26 लाख से अधिक मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 42,700 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इनसे करीब 44 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 6,136 एमएसएमई उद्यमियों को 3,723 करोड़ रुपये की निवेश सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश में 181 औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं, जबकि 44 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर प्रस्तावित हैं।
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कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। वहीं, अलाना कंपनी की संस्थापक राशि मेहरा और उद्यमी कुनाल ज्ञानी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करना आसान और किफायती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियां और उद्योग अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।