MP कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो को अतिरिक्त बजट, कपास पर मंडी शुल्क आधा, ट्रांसफर 15 जून तक अनिवार्य

Mohan Cabinet Meeting: मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में भोपाल मेट्रो को अतिरिक्त बजट, कपास पर मंडी शुल्क आधा करने और कृषि जिंसों पर शुल्क बढ़ाकर ₹800 करोड़ राजस्व जुटाने जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं।
MP Cabinet Decisions 2026
मोहन कैबिनेट (फोटो सोर्स- नवभारत)
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MP Cabinet Decisions 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, किसानों की आय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ हुई। इसमें भोपाल मेट्रो परियोजना, कृषि मंडी शुल्क और तबादला नीति सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और किसानों को राहत देने पर रहा।

भोपाल मेट्रो को मिला अतिरिक्त बजट, 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए अतिरिक्त बजट को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से वित्तीय और तकनीकी कारणों से अटकी इस परियोजना में अब तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि संशोधित बजट के बाद परियोजना को अगले दो सालों में पूरा कर जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट राजधानी के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है।

कपास पर मंडी शुल्क आधा, किसानों और उद्योगों को राहत

कैबिनेट ने कपास उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से निमाड़ क्षेत्र सहित बुरहानपुर और खंडवा के किसानों को फायदा मिलेगा और कपास की प्रोसेसिंग राज्य के भीतर ही बढ़ेगी। इससे स्थानीय जिनिंग इकाइयों को मजबूती और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

सामान्य कृषि जिंसों पर मंडी शुल्क बढ़ा

सरकार ने सामान्य कृषि जिंसों पर मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इस संशोधन से राज्य को लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व मिलने की संभावना है। यह राशि ग्रामीण विकास, कृषि सड़कों, मंडी आधुनिकीकरण और गो-संवर्धन जैसी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

ट्रांसफर नीति: 15 जून तक सभी तबादले अनिवार्य

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था को सख्त करते हुए निर्देश दिए कि नई तबादला नीति के तहत सभी स्थानांतरण 15 जून तक हर हाल में पूरे किए जाएं। इसके बाद किसी भी विभाग में तबादलों पर रोक रहेगी। इसके अलावा आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए सरकार ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह अधिकारी जिला प्रशासन और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर खाद वितरण की निगरानी करेंगे ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अन्य अहम फैसले और विकास योजनाएं

बैठक में डिजिटल मध्य प्रदेश योजना के लिए 235 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। साथ ही बताया गया कि राज्य से लैटिन अमेरिकी देशों को 3,800 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है, जिसमें फार्मा सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। इसके अलावा पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 2 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।

‘विकसित मध्य प्रदेश 2047’ का रोडमैप

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप ‘विकसित मध्य प्रदेश’ की दिशा में काम कर रही है। आगामी नीति आयोग बैठक में राज्य के विकास मॉडल को मजबूती से प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश के आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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