स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले राजधानी भोपाल में सफाई और शहर के रखरखाव की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ चार इमली जैसे वीआईपी इलाके में बंगलों के सामने और सड़कों पर रंगोली सजाई गई है, वहीं दूसरी ओर भोपाल विधानसभा के ठीक सामने स्थित भीमनगर क्षेत्र में गंदगी और कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।
चार इमली में स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां साफ दिखाई दे रही हैं। सड़कों और बंगलों के सामने रंगोली बनाई गई है और पूरे इलाके को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। दूसरी तरफ भीमनगर में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आते हैं। यहां सफाई व्यवस्था की बदहाली आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
भीमनगर के गेट के पास ही कचरे के ढेर के बीच पानी की टंकी रखी हुई है। स्थानीय लोगों को इसी टंकी से पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जिस जगह लोगों के पीने का पानी उपलब्ध कराया गया है, उसके आसपास सफाई तक नहीं कराई जा रही है तो लोगों की सेहत की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेताओं, मंत्रियों और बड़े अधिकारियों के इलाकों में सफाई और रखरखाव को लेकर राजधानी भोपाल का प्रशासन ज्यादा सक्रिय नजर आता है, लेकिन आम आदमी की बस्तियों और मोहल्लों की समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। एक क्षेत्रवासी ने तंज कसते हुए कहा कि वोट मांगने का समय आएगा तो नेता लोगों के घरों में झाड़ू लगाने भी पहुंच जाएंगे, लेकिन उससे पहले इलाके की गंदगी और लोगों की परेशानियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस पूरे देश का पर्व है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ शासन-प्रशासन और वीआईपी इलाकों को ही स्वतंत्रता दिवस मनाने का अधिकार है? आम आदमी आखिर इस जश्न से क्यों वंचित रहे? एक तरफ राजधानी के चुनिंदा इलाकों को रंगोली और सजावट से सजाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विधानसभा के सामने रहने वाले लोगों को कचरे और गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ सफाई व्यवस्था पर सवाल नहीं उठातीं, बल्कि बराबरी के उस अधिकार पर भी सवाल खड़ा करती हैं, जिसके लिए देश ने आजादी हासिल की थी।