भोपाल के चोर काट ले गए ईवी चार्जिंग स्टेशन में लगी कॉपर वायर (सोर्स- एआई जनरेटेड डिजाइन इमेज)
भोपाल

भोपाल में ‘स्मार्ट’ चोरी, चार्जिंग स्टेशन से कॉपर वायर ही काट ले गए चोर; CCTV कैमरे के बाद भी हुई वारदात

Copper Wire Theft Bhopal: भोपाल में ग्रीन मोबिलिटी को लगा बड़ा झटका, पुराने नगर निगम कार्यालय के बाहर बने EV चार्जिंग स्टेशन से चोरों ने काटी कॉपर वायर। CCTV लगे होने के बावजूद वारदात को दिया अंजाम।

शिवम दत्त तिवारी, सजल रघुवंशी

Charging Station Theft Case Bhopal: भोपाल में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए चार्जिंग स्टेशन अब चोरों के निशाने पर आ गए हैं। ताजा मामला पुराने नगर निगम कार्यालय के बाहर स्थापित इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन का है, जहां चोरों ने चार्जिंग पोर्ट से जुड़ी कॉपर वायर काटकर चोरी कर ली।

शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सरकार भी ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं विकसित कर रही है। ऐसे में चार्जिंग स्टेशन पर हुई यह चोरी व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।

चार्जिंग स्टेशन मौजूद, लेकिन गायब हो गई चार्जिंग वायर

जानकारी के मुताबिक, संबंधित स्थान पर चार इलेक्ट्रिक चार्जिंग पोर्ट लगाए गए हैं। इनमें से कुछ पोर्ट की कॉपर वायर चोर काटकर ले गए। नतीजा यह है कि चार्जिंग स्टेशन अपनी जगह पर मौजूद है, लेकिन वाहन चार्ज करने की मूल सुविधा ही प्रभावित हो गई है। कॉपर की कीमत बाजार में अधिक होने के कारण ऐसे उपकरण अक्सर चोरों के निशाने पर रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी और नियमित निरीक्षण जरूरी है।

सीसीटीवी कैमरों के बावजूद कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

सबसे हैरानी की बात यह है कि चार्जिंग स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद अब तक चोरों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई है या फिर सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। यदि कैमरे चालू थे, तो चोरों तक पहुंचने में देरी क्यों हो रही है, यह भी जांच का विषय है।

ग्रीन मोबिलिटी की राह में सुरक्षा बड़ी चुनौती

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि चार्जिंग स्टेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो ग्रीन मोबिलिटी का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। नवभारत लाइव द्वारा मामला सामने लाए जाने के बाद अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस चोरी की जांच को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सीसीटीवी के बावजूद केबल चोरी करने वाले आरोपियों तक कब पहुंच पाते हैं।

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