सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
बैतूल

बैतूल: जिंदा लोगों को कागजों में बताया मृत फिर FD से निकाले 1.5 करोड़; बैंक असिस्टेंट मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार

Betul Bank Fraud: बैतूल में डेढ़ करोड़ की बैंक धोखाधड़ी, जिंदा खाताधारकों को मृत बताकर तुड़वाई एफडी। 15 साल का नाबालिग निकला मास्टरमाइंड, बैंक मैनेजर समेत तीन गिरफ्तार।

सजल रघुवंशी

HIGHLIGHTS:

  • बैतूल में जिंदा खाताधारकों को मृत दिखाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये निकाले।

  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र के असिस्टेंट मैनेजर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।

  • मास्टरमाइंड 15 साल का नाबालिग।

  • आरोपियों ने बैंक अधिकारी की आईडी से करीब 10 बार बदले मोबाइल नंबर।

  • टैक्सी ड्राइवर के खाते में मिले 1.25 करोड़ रुपये, खाता फ्रीज कराया गया।

Betul Bank Fraud Case Withdrawn From Fixed Deposits: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बैंकिंग धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपियों ने कथित तौर पर जिंदा खाताधारकों को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाई और करीब डेढ़ करोड़ रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मोरखा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के असिस्टेंट मैनेजर लोकेश गोखे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड 15 साल का नाबालिग है, जो बैंक के पास ऑनलाइन कियोस्क सेंटर चलाता था। अब तक छह खाताधारकों की शिकायतें सामने आई हैं।

नाबालिग ने असिस्टेंट मैनेजर की आईडी का किया इस्तेमाल

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के अनुसार, नाबालिग बैंक में आने-जाने के दौरान बड़ी रकम जमा करने वाले खाताधारकों की जानकारी जुटाता था। आरोप है कि उसने असिस्टेंट मैनेजर लोकेश गोखे को अपने साथ मिलाया और उसकी आईडी का इस्तेमाल कर जनवरी 2026 से अब तक करीब 10 बार खाताधारकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदले। इसके बाद नेट बैंकिंग के जरिए एफडी तुड़वाकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई।

टैक्सी ड्राइवर के खाते में मिले सवा करोड़

पुलिस के मुताबिक, तीसरा आरोपी गौरव सूर्यवंशी टैक्सी ड्राइवर है और नाबालिग का परिचित है। कथित धोखाधड़ी से मिली रकम उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती थी। खाते में करीब 1.25 करोड़ रुपये मिलने के बाद उसे फ्रीज करा दिया गया है। आरोपियों पर यह भी आरोप है कि पैसे कटने की शिकायत करने वाले कुछ खाताधारकों को शक से बचने के लिए रकम वापस जमा कर दी जाती थी।

रिटायर्ड शिक्षक की शिकायत से खुला मामला

मामले का खुलासा रिटायर्ड शिक्षक गेंदाराम सोनी की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने 21 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कराते हुए खाते से सात लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी दी। जांच में अन्य खाताधारकों की रकम भी निकाले जाने की बात सामने आई। इनमें ज्योति रघुवंशी के 4.86 लाख, फूलवंती के 2.74 लाख, इंद्रेश रघुवंशी के 1.85 लाख, भोजराज सोनी के 5.50 लाख और रागिनी साहू के 1.55 लाख रुपये शामिल हैं।

22.33 लाख की संपत्ति जब्त, बैंक की भूमिका की जांच

बोरदेही पुलिस ने आरोपियों से छह मोबाइल फोन, 8.28 लाख रुपये का सोना, 1.40 लाख की चांदी और 12 लाख रुपये कीमत की कार सहित कुल 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। बैंक प्रबंधन ने असिस्टेंट मैनेजर को निलंबित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, रीजनल ऑफिस को जानकारी मिलने के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। अब अन्य खातों, संपत्ति और संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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