कान्हा टाइगर रिजर्व में जहर देकर चीतल का शिकार फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
बालाघाट

कान्हा टाइगर रिजर्व में जहर देकर चीतल का शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार, मांस और अवशेष बरामद

Kanha Chital Hunting : कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र में जहर देकर चीतल का शिकार करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार। वन विभाग ने मांस, चमड़ा और अन्य अवशेष बरामद किए।

मनीष तिवारी, शाजेब खान

Highlights :

  • कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र में चीतल के शिकार का मामला।

  • प्रतिबंधित कोर वन क्षेत्र में जहर देकर शिकार करने का आरोप।

  • वन विभाग ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।

Chital hunting in Kanha Tiger Reserve : एमपी में कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। यहां प्रतिबंधित कोर वन क्षेत्र में जहर देकर चीतल का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला कान्हा के सरही परिक्षेत्र का है। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से चीतल का भूना हुआ मांस और घटनास्थल से वन्यप्राणी के अवशेष बरामद किए हैं।

गश्त के दौरान संदिग्ध को पकड़ा

जानकारी के अनुसार सरही परिक्षेत्र में वन अमला नियमित गश्त कर रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब दो किलो वन्यप्राणी का भूना हुआ मांस बरामद हुआ। इसके बाद वनकर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में जहर देकर शिकार की बात कबूली

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर चीतल को जहर देकर शिकार करने की बात मानी । उसकी जानकारी के आधार पर वन विभाग ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद टीम घटनास्थल पर पहुंची और शिकार से जुड़े सबूत जुटाए।

चीतल का चमड़ा, खुर और जबड़े के अवशेष मिले

वन विभाग ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से चीतल का चमड़ा, खुर, तीन पैर, दांत और जबड़े के अवशेष बरामद किए। इसके अलावा जहर की बची हुई पुड़िया भी मिली है। बरामद सामग्री को वन विभाग ने जब्ती में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जिला जेल भेज दिया गया। वन विभाग अब इस मामले में शिकार के तरीके और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है।

संरक्षित क्षेत्र में शिकार ने बढ़ाई चिंता

कान्हा टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित वन क्षेत्र में जहर देकर वन्यजीव का शिकार किए जाने की घटना वन सुरक्षा और गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब ये जांच का विषय है कि प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में आरोपी किस तरह पहुंचे और जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल कर चीतल का शिकार कैसे किया।

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