याचिकाकर्ता ने पेश की ग्राउंड रिपोर्ट (सोर्स- नवभारत लाइव)
बालाघाट

बालाघाट: 30 बच्चों की मौत के मामले में हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता ने पेश की ग्राउंड रिपोर्ट; जानें पूरा मामला

Balaghat 30 Children Deaths Case: बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई, याचिकाकर्ता ने कोर्ट में सौंपी बिरसा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्ट।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

High Court On Balaghat Children Death Case: बालाघाट जिले में मल्टीपल डिसीज से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रभावित इलाके में जाकर जमीनी स्थिति की पड़ताल करने और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत याचिकाकर्ता की ओर से आज कोर्ट में ग्राउंड रिपोर्ट पेश की गई।

याचिकाकर्ता ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बालाघाट के बिरसा क्षेत्र के हालात को लेकर कई गंभीर दावे किए गए हैं। याचिकाकर्ता के मुताबिक गांव के लोगों को आज भी पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट तैयार करने के दौरान याचिकाकर्ता ने करीब आठ परिवारों से संपर्क कर उनकी हालिया स्थिति जानी।

मौतों से प्रभावित परिवार बेहद खराब परिस्थितियों में- ग्राउंड रिपोर्ट

ग्राउंड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीमारी और मौतों से प्रभावित परिवार आज भी बेहद खराब परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ परिवारों को सरकारी राशन में इल्ली और घुन लगा चावल दिया जा रहा है। इतना ही नहीं गांव में सड़क और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ता की रिपोर्ट में दावा है कि आजादी के बाद से अब तक गांव में सड़क, बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी है।

याचिकाकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में उठाए कई गंभीर सवाल

याचिकाकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अस्पताल के अंदर जाने से रोक दिया गया और करीब एक घंटे बाद अस्पताल के दूसरे वार्ड का निरीक्षण कराया गया। इन तमाम बिंदुओं को लेकर हाई कोर्ट ने अब राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता ने रखी ग्राउंड रिपोर्ट को इनकॉरपोरेट करने की मांग

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा है कि पूरी ग्राउंड रिपोर्ट को जनहित याचिका के साथ इनकॉरपोरेट किया जाए ताकि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और दावों पर सरकार का पक्ष भी सामने आ सके। यह जनहित याचिका नरसिंहपुर निवासी अधिवक्ता अतुल तिवारी ने दायर की है। अब मामले में मध्य प्रदेश सरकार के जवाब और कोर्ट के अगले निर्देश पर सभी की नजर रहेगी।

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