Ozone Layer Protection: हर साल 16 सितंबर को वर्ल्ड ओजोन डे मनाया जाता है। ओजोन लेयर का काम सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों को धरती पर पहुंचने से रोकना है। इसे बचाने के लिए दुनिया भर में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत काम किया जाता है।
साल 2026 की थीम Global action for a cooler planet है, जिसमें ओजोन सुरक्षा के साथ पर्यावरण के अनुकूल और कूलिंग पर जोर दिया गया है।
ऐसे में सिर्फ ओजोन डे पर पोस्ट करने की बजाय घर में कुछ छोटी आदतों को अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है। सभी AC या फ्रिज को सीधे ओजोन लेयर के लिए नुकसानदायक मानना सही नहीं है। पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले कुछ फ्रिज ओजोन को नुकसान पहुंचाते थे, जबकि कई आधुनिक फ्रिज का निर्माण ओजोन लेयर के हिसाब से किया जा रहा है।
गर्मी लगते ही AC का तापमान बहुत कम कर देना बिजली की खपत बढ़ा सकता है। कमरे को आरामदायक तापमान पर रखें और बेवजह AC चलाने से बचें। साथ ही दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद रखें, ताकि ठंडी हवा बाहर न जाए।
यदि एसी का फिल्टर गंदा रहता है, तो इसे कूलिंग प्रभावित होती है और इसके लिए अप्लायंस को अधिक मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी। इसलिए नियमित तौर पर फिल्टर की सफाई और सर्विसिंग करवानी चाहिए।
फ्रिज का दरवाजा बार-बार खोलने से अंदर की ठंडी हवा बाहर निकलती है और उसे दोबारा से कूलिंग के लिए काम करना पड़ता है। जरूरत की चीज पहले तय कर लें और फिर फ्रिज खोलें।
यह सबसे जरूरी बात है। पुराने अप्लायंस में मौजूद रेफ्रिजरेंट को सही तरीके से डिस्पोज करना जरूरी है। इसलिए जब भी एसी या फ्रिज बदलने का समय हो, तो ऑथराइज सर्विस या ई-वेस्ट डिस्पोजल का रास्ता अपनाएं।
अगर आपका एसी बार-बार कूलिंग कम कर रहा है, तो सिर्फ गैस भरवा लेने के बजाय टेक्नीशियन से जांच कराएं। Refrigerant leakage को रोकने के लिए समय-समय पर मेंटेनेंस कराते रहना चाहिए।
हर समय AC पर निर्भर रहने के बजाय पर्दे, शेड, बेहतर एयरफ्लो और पौधों जैसी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए। घर में धूप सीधे न आने देना और हवा के सर्कुलेशन का ध्यान रखना गर्मी कम करता है।
जब भी कोई नया अप्लायंस खरीदने जाएं, तो सिर्फ कीमत और उसकी खूबसूरती न देखें। उसकीएनर्जी, कूलिंग, सर्विसेज के बारे में भी जानकारी लें। किसी भी अप्लायंस का क्लाइमेट फ्रेंडली होना सबसे जरूरी है।