UPI Merchant Discount Rate 2026: UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के मन में नए UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नियम को लेकर कई सवाल हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि आम ग्राहकों को किसी भी UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं देना होगा।
NPCI के नए फ्रेमवर्क के तहत 2,000 तक के सभी UPI ट्रांजैक्शन और छोटे व्यापारियों के भुगतान पूरी तरह फ्री रहेंगे। वहीं 2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.40% MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 तय की गई है। NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोस्तों, परिवार या अपने दूसरे बैंक खाते में भेजे गए P2P ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह निशुल्क रहेंगे।
NPCI के नए UPI MDR फ्रेमवर्क के तहत ग्राहकों से किसी भी UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। वहीं P2PM श्रेणी के छोटे मर्चेंट, जो UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख तक भुगतान प्राप्त करते हैं, उन्हें भी MDR से छूट मिलेगी।
2,000 तक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर कोई MDR नहीं लगेगा। 3,000 के भुगतान पर मर्चेंट को 0.40% यानी 12 रुपये , 4,000 पर 16 रुपये और 5,000 पर 20 रुपये का MDR देना होगा।बड़े लेनदेन में भी यही 0.40% की दर लागू रहेगी।
उदाहरण के तौर पर 50,000 के भुगतान पर MDR 200 होगा। हालांकि 75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR 300 तय किया गया है। यानी 1 लाख के भुगतान पर भी मर्चेंट को 300 रुपये से अधिक शुल्क नहीं देना होगा।
नए नियमों के तहत व्यापारी MDR का शुल्क ग्राहकों से नहीं वसूल सकते। यह लागत मर्चेंट स्वयं वहन करेगा। यानी ग्राहक UPI से भुगतान करने पर सामान या सेवा की वही सूचीबद्ध कीमत चुकाएंगे, उन पर कोई अतिरिक्त MDR या पेमेंट चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा।
नए नियमों के तहत पेट्रोल पंप पर UPI भुगतान के लिए भी अलग व्यवस्था तय की गई है। 2,000 तक के ईंधन भुगतान पर MDR 0% रहेगा, यानी कोई शुल्क नहीं लगेगा।
वहीं 2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 5 का फ्लैट रियायती MDR लागू होगा। यानी बड़े ईंधन भुगतानों पर भी प्रतिशत के बजाय केवल 5 का निश्चित शुल्क तय किया गया है।
बता दें की Unified Payments Interface के जरिए किए गए बीमा प्रीमियम भुगतान विशेष MDR रियायत के दायरे में आते हैं। नए नियमों के अनुसार 2,000 रुपये तक के भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा।
वहीं 2,000 से अधिक के बीमा प्रीमियम भुगतान पर प्रतिशत आधारित शुल्क के बजाय 5 5 रुपये प्रति लेनदेन का फ्लैट MDR लागू होगा।
UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। वह हमेशा की तरह बिना किसी शुल्क के लेनदेन कर सकते हैं।
सरकारी यूटिलिटी बिल जैसे बिजली, पानी और PNG के भुगतान इंडस्ट्रियल श्रेणी में आते हैं। नए नियमों के अनुसार 2,000 रुपये तक के बिल भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा। वहीं 2,000 रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल पर 5 का फ्लैट रियायती MDR लागू होगा।
NPCI के मुताबिक, UPI पर हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन प्रोसेस होते हैं। ऐसे में MDR से मिलने वाला शुल्क UPI इकोसिस्टम के भीतर ही इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि भुगतान अवसंरचना, साइबर सुरक्षा और ग्राहक सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
दरअसल UPI एक स्वदेशी भुगतान प्रणाली है और इसका MDR क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों की तुलना में काफी कम रखा गया है। साथ ही 2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर कोई MDR लागू नहीं होगा, जबकि 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट भुगतान पर ही निर्धारित किफायती शुल्क लागू किया जाएगा।
नए नियमों के तहत UPI MDR को पारंपरिक कार्ड भुगतान की तुलना में काफी कम रखा गया है। जहां क्रेडिट कार्ड MDR आमतौर पर 1.5% से 2.5% और डेबिट कार्ड MDR अधिकतम 0.90% तक होता है, वहीं 2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर बेसलाइन MDR 0.40% निर्धारित किया गया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI MDR का नया ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू होगा। यह समय सीमा बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स, फिनटेक ऐप्स और कॉर्पोरेट बिलिंग प्लेटफॉर्म को अपने सॉफ्टवेयर और पेमेंट सिस्टम अपडेट करने के लिए दी गई है।