

Lionel Messi Kerala Event: स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की नेशनल टीम के 2025 में केरल दौरे के सिलसिले में कई जगहों पर जांच कर रही है। सरकार ने इस प्रस्तावित दौरे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए SIT का गठन किया था।
जांच के तहत, टीम प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच करने के लिए कई जगहों का निरीक्षण कर रही है। इस तलाशी अभियान के दौरान बुधवार सुबह पुलिस की एक टीम मलयालम न्यूज चैनल पहुंची।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मलयालम न्यूज चैनल 'रिपोर्टर टीवी' के कोच्चि हेडक्वार्टर में तलाशी ली। चैनल का आरोप है कि इस कार्रवाई से उनके न्यूज ऑपरेशन में रुकावट आई।
न्यूज चैनल के अनुसार पुलिसकर्मी पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने साथ ले गए। उसने बताया कि तलाशी न्यूज डेस्क पर ली गई, जहां आम तौर पर केवल पत्रकार और तकनीकी कर्मचारी काम करते हैं।
चैनल ने आरोप लगाते हुए बताया कि अधिकारी आधे घंटे से अधिक समय तक हेडक्वार्टर में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने तलाशी का कारण नहीं बताया और कोई जानकारी दी। पुलिस ने ड्यूटी पर आए पत्रकारों के निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए।
यह कार्रवाई केरलम में पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए मेसी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम के विफलता से जुड़े विवाद की जांच से जुड़ी है। SIT कथित तौर पर 5 स्थानों पर तलाशी ले रहा है।
इनमें कोच्चि में 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' के मालिक ऑगस्टीन बंधुओं के आवास, कंपनी का कार्यालय और वायनाड स्थित उनका पारिवारिक आवास शामिल हैं। चैनल ने आरोप लगाया कि तलाशी का उद्देश्य उसके टेलीकास्ट में बाधा डालना था।
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और आरोप लगाया कि न्यूज डेस्क तक पहुंचना तथा पत्रकारों के फोन जब्त करना मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। विजयन ने एक बयान में कहा कि पुलिसकर्मी तड़के 'न्यूज़ डेस्क पर आ गए' और करीब डेढ़ घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पत्रकारों की वीडियो रिकॉर्डिंग की।
विजयन ने इस कार्रवाई की तुलना अन्य राज्यों और दिल्ली में मीडिया संस्थानों से जुड़े मामलों से की और कहा कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन तथा गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को मीडिया स्वतंत्रता पर इस कथित हमले पर जवाब देना चाहिए। चैनल और विजयन द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आपको जानकारी दें, कि 13 अगस्त को केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने पिछले साल लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को राज्य में लाने के लिए किए गए विवादित प्रयास की व्यापक जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने इस पूरे मामले की शुरुआत से लेकर सभी पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की सिफारिश की थी।
एसआईटी की जांच का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें न केवल प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच होगी, बल्कि उन फैसलों और सरकारी मंजूरियों की भी जांच होगी, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट का रास्ता साफ किया था।
'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' को प्रायोजक के तौर पर कैसे चुना गया?
क्या उस निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कोई अनियमित कदम उठाए गए?
फंड का स्रोत और फ्लो क्या था?
जांच में कोच्चि स्टेडियम सौंपने से जुड़ी परिस्थितियों, सरकारी आदेशों और मंजूरियों, इवेंट के सिलसिले में किए गए समझौतों और मेसी और अर्जेंटीना की टीम को केरल लाने के नाम पर की गई विदेश यात्राओं की भी पड़ताल होगी।
यह जांच इसलिए भी अहम हो जाती है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से ही इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत विदेश में 126 करोड़ रुपए के ट्रांसफर की जांच कर रहा है।
ईडी विदेशी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनियों को किए गए कथित भुगतान में विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। वह बैंक रिकॉर्ड, समझौतों और इसमें शामिल संस्थाओं की पड़ताल कर रहा है।