स्पेस फूड (फोटो.सोशल मीडिया)  
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Indian Space Food: धरती ही नहीं, अंतरिक्ष में भी ले जा सकते हैं ये 3 भारतीय फूड आइटम, जानिए क्यों हैं खास

Space Food: आपने भी कभी न कभी सोचा होगा कि स्पेस मिशन पर जाने वाले क्या खाते होंगे या क्या लेकर जाते होंगे। जीरो ग्रेविटी में खाना कैसे खाते हैं। आइए जानते हैं इन सारे सवालों के जवाब।

रीता राय सागर

Indian Dishes Approved For Space: जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री स्पेस मिशन पर जाता है, तो एख सवाल हमेशा कौतूहल का विषय होता है। मन में सवाल आता है कि अंतरिक्ष जाने वाले लोग क्या खाते हैं। स्पेस में खाना लेकर जाना उतना आसान नहीं होता, जितना हम घर पर बैठकर खा लेते हैं।

जब स्पेस में खाने की चीजें लेकर जाने की बात आती है, तो सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा मानक के पैमाने पर उसे परखा जाता है, जैसे- उसका लंबे समय तक खराब न होना, पोषण से भरपूर होना, बैक्टीरिया मुक्त रहना और माइक्रोग्रैविटी यानी शून्य गुरुत्वाकर्षण में आसानी से खाया जाने वाला।

हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके ऐतिहासिक Axiom-4 मिशन के लिए डीआरडीओ की डिफेंस फूड रिसर्च लेबोरेटरी यानी डीएफआरएल ने खिचड़ी, पुलाव, सब्जियां समेत कई भारतीय व्यंजन तैयार किए थे, लेकिन जांच के बाद केवल तीन भारतीय खानों को ही ले जाने की परमिशन मिल पाई।

स्पेस फूड (फोटो.सोशल मीडिया)

कौन से थे स्पेस पहुंचने वाले भारतीय खाने

  • गाजर का हलवा

ठंड का मौसम शुरु होते ही हर घर में बनने वाला लोकप्रिय गाजर का हलवा अंतरिक्ष तक पहुंचने वाले तीन भारतीय व्यंजनों में से एक था। इसे इस तरह तैयार किया गया कि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे और अंतरिक्ष मिशन के दौरान खराब न हो। अंतरिक्ष में मिठास को बनाए रखने के लिए गाजर का हलवा बेहतर विकल्प बना।

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  • मूंग दाल का हलवा

मूंग दाल का हलवा को भी अंतरिक्ष यात्रा के लिए परमिशन दी गई थी। मूंग दाल में प्रोटीन होता है और यह बेहद सुपाच्य होता है। यह ऊर्जा से भरपूर पारंपरिक भारतीय मिठाई है। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि यह उनके साथ अंतरिक्ष तक पहुंची और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को यह इतना पसंद आई कि उनके लिए ये बचा ही नहीं।

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  • आम रस

गर्मियों में पसंद किया जाने वाला आम रस भी अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला तीसरा भारतीय फूड आइटम रहा। हालांकि इसे विशेष तकनीक से तैयार किया गया था, ताकि इसकी गुणवता और टेस्ट दोनों बनी रहे।

स्पेस फूड (फोटो.सोशल मीडिया)

पुलाव और खिचड़ी को क्यों नहीं दी गई परमिशन

शुभांशु शुक्ला ने बताया कि DFRL ने पुलाव, खिचड़ी और कई अन्य भारतीय व्यंजन भी तैयार किए थे। लेकिन उनके परीक्षण के लिए पर्याप्त् समय नहीं मिल पाया, इसलिए उन्हें प्रमाणित नहीं किया जा सका।

अंतरिक्ष में भेजने से पहले किन पैमानों पर नापा जाता है भारतीय खाने को

  • महीनों तक बिना खराब हुए सुरक्षित रहना।
  • हानिकारक बैक्टीरिया से पूरी तरह मुक्त होना।
  • कम सोडियम और संतुलित पोषण होना।
  • ऐसी पैकेजिंग होना कि शून्य गुरुत्वाकर्षण में भोजन इधर-उधर न तैरे।
  • अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियों की सुरक्षा मंजूरी मिलना।

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