Brain Health Tips: आज के समय में लगातार फोन स्क्रॉल करना, छोटे वीडियो देखना और बिना किसी मकसद के सोशल मीडिया चलाना रोजमर्रा की आदत बन गई है। स्क्रीन देखना कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब स्क्रीन टाइम इतना बढ़ जाए कि काम, पढ़ाई, बातचीत या रोजमर्रा के काम में ध्यान लगाना मुश्किल होने लगे, तो इसका असर मेंटल हेल्थ पर पड़ने लगता है।
इसके लिए ‘ब्रेन रॉट’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि जरूरत से ज्यादा डिजिटल कंटेंट देखने से फोकस, ध्यान और मेंटल हेल्थ पर पड़ने वाले असर के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। इससे रोज की कुछ आदतों में बदलाव करके निजात पाया जा सकता है।
बिना सोचे-समझे बार-बार सोशल मीडिया खोलने के बजाय उसके लिए एक निर्धारित समय तय करें। बिना काम के नोटिफिकेशन बंद करने से भी बार-बार फोन देखने की आदत कम होती है। हर नोटिफिकेशन का तुरंत जवाब देना जरूरी नहीं है। दिन में कुछ समय ऐसा रखें जब आप फोन से दूरी बनाएं रखें।
छोटे वीडियो और लगातार बदलने वाले कंटेंट से एकाग्रता घटने लगती है, इसके लिए रोजाना कुछ समय के लिए किताबें पढ़ें। इससे ध्यान लगाने और किसी विषय को समझने की क्षमता बेहतर होगी। रोज 15-30 मिनट किताब पढ़ने की आदत स्क्रीन से एक अच्छा ब्रेक भी देगी।
काम करते समय बार-बार फोन देखना, मैसेज चेक करना और साथ में कई काम एक साथ करने की कोशिश फोकस को कम कर सकती है। दिमाग एक साथ कई काम करने के बजाय तेजी से अलग-अलग कामों के बीच स्विच करता रहता है। इसलिए एक समय में एक ही काम पूरा करने की कोशिश करें।
सिर्फ दिमाग को स्क्रीन से दूर रखना काफी नहीं है। रोज थोड़ा चलना, व्यायाम करना या स्ट्रेचिंग करना भी जरूरी है। शारीरिक गतिविधि ब्रेन में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को बढ़ाती है, जिससे ब्रेन फंक्शनिंग बेहतर होती है। लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय काम के बीच छोटे वॉक या स्ट्रेचिंग ब्रेक लेते रहना चाहिए।
रात में बिस्तर पर जाने के बाद लगातार फोन चलाने से नींद का समय कम होता जाता है। पर्याप्त और नियमित नींद दिमाग के लिए जरूरी है। सोने से कम से कम 30 मिनट पहले फोन, टैबलेट और टीवी से दूरी बना लें। इस समय किताब पढ़ना, हल्की स्ट्रेचिंग या हल्की रोशनी में पीसफुल म्यूजिक सुनें या अपने पार्टनर के साथ वक्त बिताएं।