रूप चौदस पर उबटन लगाने की परंपरा को सुंदरता और त्वचा की देखभाल से शुरु हुई थी।
बेसन, दही जैसी साधारण सामग्री से घर पर उबटन बनाया जा सकता है।
उबटन लगाते समय त्वचा का ध्यान रखें और जोर से रगड़ने से बचें।
Chaudas Ubtan Recipe: दीवाली के एक दिन पहले रूप चौदस पर उबटन लगाने की परंपरा रही है। इसका संबंध सौंदर्य संवारने और स्नान से है। मान्यता है कि इस दिन शरीर की साफ-सफाई और सौंदर्य पर ध्यान देने से रूप निखरता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इसे मनाने का तरीका अलग-अलग हैं।
पारंपरिक उबटन में बेसन, हल्दी, दूध, दही और चंदन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ठंड की शुरुआत से पहले इन उबटनों को लगाने से त्वचा से डेड स्किन निकल जाते हैं और स्किन मॉइस्चराइज होती है।
दो चम्मच बेसन में एक से दो चम्मच सादा दही मिलाकर पेस्ट बना लें। जरूरत हो तो थोड़ा गुलाब जल मिलाएं। इसे चेहरे और शरीर पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ मिनट बाद पानी से धो लें। त्वचा रूखी हो तो दही की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती हैं।
दो चम्मच बेसन में एक चुटकी हल्दी और जरूरत के अनुसार दूध मिलाएं। इसे त्वचा पर पतली परत में लगाएं और सूखने से पहले या हल्का नम रहते हुए पानी से साफ कर लें। हल्दी ज्यादा न डालें, क्योंकि इससे त्वचा पर पीला रंग रह जाता है।
त्वचा पर चंदन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर लेप तैयार किया जा सकता है। यह लेप त्वचा में निखार लाने और टैनिंग कम करने में बहुत प्रभावी हैं। सनबर्न, जलन और लालिमा में भी यह पैक कारगर है। यह मिश्रण त्वचा को शांत करता है, सूजन कम करता है और त्वचा की रंगत को एकसमान बनाता है।
उबटन लगाने से पहले त्वचा को साफ कर लें।
लेप को जोर-जोर से न रगड़ें। इससे जलन और त्वचा में खिंचाव हो सकता है।
पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
संवेदनशील त्वचा, एक्जिमा, मुंहासों या जलन की समस्या होने पर हल्दी, खुशबूदार उत्पाद और रगड़ने वाले लेप से बचें।
उबटन धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं। दिन में बाहर निकलना हो तो सनस्क्रीन भी लगाएं।