सेफ्टी नियम (फोटो.सोशल मीडिया)  
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Kids Safety Tips: अगर आपके बच्चे भी पड़ोस में खेलने जाते हैं, तो पहले उन्हें जरूर सिखाएं ये 5 सेफ्टी रूल्स

Safety Rules For Kids: बच्चे अक्सर दोस्तों या पड़ोसियों के घर खेलने जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ जरूरी सेफ्टी रूल्स सिखाना बेहद जरूरी है। जानिए 5 आसान टिप्स।

रीता राय सागर

Safety For Kids: अकसर बच्चे पास-पड़ोस में खेलने के लिए जाते हैं। कभी बच्चे अपने दोस्तों के घर पर खेलते हैं, तो कभी पार्ट या सोसयाटी में, ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को सेफ्टी के कुछ तरीके बताए जाएं।

कई बार बच्चे खेलने की एक्साइटमेंट में कुछ जरूरी बातों को भूल जाते हैं, जिससे वे मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसलिए जब भी आपका बच्चा पड़ोसियों के घर खेलने जाए, तो उन्हें कुछ सेफ्टी रूल्स जरूर सिखाएं। इन छोटी-छोटी बातों से न केवल आपका बच्चा सेफ रहेगा बल्कि माता-पिता को भी मानसिक शांति मिलेगी।

आइए जानते हैं इन सेफ्टी रूल्स के बारे में

  • बिना बताए कहीं और न जाएं

बच्चों को यह बात अच्छी तरह समझानी चाहिए कि जिस घर में खेलने गए हैं, वहां से बिना बताए किसी दूसरी जगह न जाएं। कई बार बच्चे दोस्तों के साथ पार्क, दुकान या किसी अन्य जगह चले जाते हैं, जिसके बारे में परिजनों को पता नहीं होता है। ऐसे में बच्चों को सिखाएं कि अगर उन्हें कहीं और जाना हो तो पहले अपने माता-पिता या उस घर के बड़े लोगों को जरूर इंफॉर्म करें।

  • किसी भी असहज स्थिति की तुरंत जानकारी दें

पेरेंट्स को बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि अगर कोई व्यक्ति उन्हें अनकंफर्टेबल महसूस कराए, डांटे, डराए या कोई ऐसी बात कहे जो उन्हें पसंद न आए, तो वे तुरंत वहां से हट जाएं और घर पहुंचते ही इस बारे में माता-पिता से बात करें। साथ ही बच्चों को यह भरोसा दिलाएं कि वे किसी भी बात को बिना डर के अपने परिजनों से साझा कर सकते हैं।

सेफ्टी नियम (फोटो.सोशल मीडिया)
  • अनजान चीजें खाने-पीने से बचें

हालांकि पड़ोसियों के घर जाना सामान्य बात है, फिर भी बच्चों को यह सिखना चाहिए कि कोई मेडिसिन, ड्रिंक या खाने की कोई चीज किसी अजनबी से न लें। अगर कोई उन्हें कुछ खाने के लिए दे, तो पहले घर पर बताने या अनुमति लेने की आदत डालें। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचेंगे।

  • जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क करना सिखाएं

बच्चों को अपने माता-पिता का मोबाइल नंबर कंठस्थ याद होना चाहिए। साथ ही उन्हें पता होना चाहिए किसी आपातकालीन स्थिति में किसे फोन करना है। अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है, तो उसे इमरजेंसी नंबर और भरोसेमंद लोगों के बारे में भी जानकारी दें।

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  • समय का रखें ध्यान

बच्चों को खेलने का एक तय समय बनाना बेहद जरूरी है। उन्हें समय का भान होना चाहिए और अगर किसी कारण से देर हो रही है, तो इसकी सूचना देनी चाहिए। समय का पाबंद होना न केवल सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि बच्चों में जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है।

  • जब कोई कहे कि मम्मी-पापा को मत बताना

बच्चों को इस बारे में जरूर बताएं कि जब भी कोई अनजान किसी बात को परिजनों से छुपाने के लिए कहे, तो वो बात सबसे पहले आखर अपने मम्मी-पापा को बतानी चाहिए।  बच्चों को पता होना चाहिए कि यह गलत है।

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