ठंड के मौसम अगर आ रहा हो पसीना, तो बिल्कुल नज़रंदाज़ न करें 
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ठंड के मौसम अगर आ रहा हो पसीना, तो बिल्कुल नज़रंदाज़ न करें, इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

गर्मियों में पसीना आना आम बात है, लेकिन यदि आपको बदलते मौसम में बिना एक्सरसाइज किए पसीना आ रहा है तो आपको संभलने की जरूरत है। क्योंकि ये सर्दियों के मौसम में पसीना आना खतरनाक हो सकते हैं। ये कई गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते है।

सीमा कुमारी

Sweating in winter: गर्मियों में पसीना आना आम बात है, लेकिन यदि आपको बदलते मौसम में बिना एक्सरसाइज किए पसीना आ रहा है तो आपको संभलने की जरूरत है। क्योंकि ये सर्दियों के मौसम में पसीना आना खतरनाक हो सकते हैं। ये कई गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते है। पसीने आने के सिर्फ एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते है। ऐसे में आइए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं कि सर्दियों में पसीना आना किन-किन बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।

जानिए सर्दियों में पसीना आना किन-किन बीमारियों के संकेत है?

लो शुगर लेवल

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में पसीना आने की मुख्य वजह शरीर में शुगर लेवल की कमी होना भी है। मनुष्य का सामान्य ग्लूकोज स्तर 1 डेसी लीटर रक्त में 70-100 ऑक्सीजन के आसपास होना चाहिए। इसकी कमी से शरीर में पसीना आता है, जो शरीर में डायबिटीज कम होने का एक संकेत है। यह स्थिति शुगर के मरोजों के लिए खतरनाक हो सकती है।

महिलाओं के हार्मोन में बदलाव होना

सर्दियों में अधिक उम्र की महिलाओं में अक्सर मेनोपॉज की स्थिति में ऐसा देखा जाता है। मेनोपॉज की शुरुआत में हार्मोनल बदलाव तेजी से होता है। इसकी वजह से भी महिलाओं को पसीना आने की समस्या हो सकती है।

कैंसर की संभावना

एक्सपर्ट्स का मानना है कि, रात में अचानक से पसीना आना, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का भी संकेत हो सकता है। आपको बता दें कि, ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कॉर्सिनॉइड ट्यूमर होने की स्थिति में शरीर से अधिक पसीना निकलता है। वहीं ल्यूकेमिया जैसी ब्लड कैंसर की घातक स्थिति में भी व्यक्ति को रात में तेज पसीना निकलता है। इसलिए आपको इसे भूलकर भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

लो ब्लड प्रेशर

सर्दी में पसीना आ रहा है तो ये लो ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है। निन्म रक्तचाप के कारण हार्ट अटैक हो सकता है। दरअसल सर्दियों में लो ब्लड प्रेशर के चलते हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में कैल्शियम की मात्रा अधिक होने पर वह बंद होने लगती है। ऐसे में रोगी को पसीना आता है और हार्ट रेट बढ़ जाता है। इस स्थिति में तुरंत डाक्टर को दिखाना चाहिए नहीं तो हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है।

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