How To Reduce Anger And Stress Quickly: आजकल हर कोई स्ट्रेस और गुस्से से जूझ रहा है। हम सब चाहते हैं कि हम शांत रहें और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा न करें। हालांकि यह एक सामान्य इमोशन है, जिस प्रकार से इंसान का हंसना, रोना, खुश होना व प्यार करना सब नॉर्मल है, वैसे ही गुस्सा भी बेहद स्वाभाविक भाव है।
लेकिन गुस्से का आपके ऊपर हावी होना नॉर्मल नहीं है। इससे आप खुद का नुकसान करने लगते हैं। गुस्सा को कंट्रोल करने के लिए 30-30-30 का फॉर्मूला काम आ सकता है।
जब आप गुस्से में आग बबूला हो रहे होते हैं तो ऐसे हालात में एक कदम पीछे हटना और विचार करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में 30-30-30 इंटरवेंशन का तरीका काफी काम आ सकता है।
अगर आपको किसी स्थिति में गुस्सा आता है, तो आप गहरी सांस लें और 30 तक की गिनती करें। ऐसा करने से आपको अपने रिएक्शन को रोकने में आसानी होगी और आपको सोचने का मौका मिलेगा।
अगले 30 सेकंड में आप यह समझने की कोशिश करें कि आखिर आपके गुस्से के पीछे की वजह क्या है। इस दौरान आप यह जानने की कोशिश करें कि क्या यह आपका इमोशनल एंगर है या आप ओवर रिएक्ट कर रहे हैं।
आखिरी 30 सेकंड में आप गुस्से को नियंत्रण करने के लिए सबसे अच्छा तरीका सोचें। इसके लिए आप तुरंत अपना ध्यान शिफ्ट कर लें या फिर वॉक पर चले जाएं।
चॉकलेट आपके मूड को भी अच्छा करता है। इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड्स होते हैं, जो एंडोर्फिन यानी खुशी वाले हार्मोन रिलीज करते हैं। जब आप खुश महसूस करते हैं, तो गुस्सा अपने आप कम हो जाता है।
पालक, ब्रोकली, केल जैसी हरी सब्जियां मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं। मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है, जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।
मछली, अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं। ये फैटी एसिड आपके दिमाग के लिए बहुत अच्छे होते हैं और मूड स्विंग्स को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
ब्राउन राइस, ओट्स, साबुत गेहूं की रोटी जैसे साबुत अनाज कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होते हैं। ये आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखते हैं। जब ब्लड शुगर अचानक से घटता-बढ़ता है, तो गुस्सा और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।
दही-छाछ जैसे फूड या फिर फर्मेंटेंड फूड हमारे आंतों के लिए अच्छा होता है और आंतों का सीधा कनेक्शन हमारे मूड से होता है। आंत अच्छा रहने से गुस्सा और मूड दोनों कंट्रोल होता है।