Nipah Virus New Case Found In Kerala: केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को तुरंत एक्शन लिया और प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आए 15 लोगों को क्वारंटाइन किया है। ये सभी 15 लोग ज्यादा-जोखिम वाली श्रेणी में रखे गए हैं ताकि इस खतरनाक संक्रमण को आगे फैलने से तुरंत रोका जा सके। यह मरीज 43 वर्षीय रामनट्टुकारा का निवासी है जिसका इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में बहुत ही तेजी से चल रहा है।
जिला कलेक्टर एमएस माधविकुट्टी ने इस पूरे मामले की आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि इस संक्रमित व्यक्ति की गतिविधियों का एक बहुत ही विस्तृत रूट मैप भी तैयार कर लिया गया है। राहत की बात यह है कि अभी तक मरीज के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण नहीं दिखे हैं। फिर भी पूरे इलाके में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाई अलर्ट जारी किया गया है और रैपिड रिस्पांस टीम बहुत ही मुस्तैदी से अपना काम कर रही है।
प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि रामनट्टुकारा निवासी इस मरीज के संपर्क में आए कुल 77 लोगों की पूरी पहचान कर ली गई है। इन 77 लोगों में मरीज के 14 परिवार के सदस्य, 5 दोस्तों-सहकर्मियों और 58 स्वास्थ्य कर्मी मुख्य रूप से शामिल हैं। इन्हीं में से 15 लोगों को ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में रखा गया है और उन्हें आइसोलेशन में कड़ाई से रखा गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अन्य लोगों को इस खतरनाक वायरस से बचाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार इस 43 वर्षीय मरीज ने हाल ही में एक पुराना गोदाम किराए पर लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि जब वह खुद उस गोदाम की सफाई कर रहा था तभी वह इस वायरस से संक्रमित हुआ। बुधवार देर रात प्रशासन को यह भी पता चला कि मरीज अस्पताल जाने से पहले कई अन्य लोगों के सीधे संपर्क में आया था। उसने सबसे पहले एक अस्पताल के ओपीडी में जांच कराई और उसके बाद अपनी एमआरआई और इकोकार्डियोग्राफी जांच भी करवाई थी।
प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम की कई महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई हैं। जिला चिकित्सा कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और सूचना के लिए नंबर 0495-2373901 और 9072007767 जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से किसी भी तरह का पैनिक न होने की अपील की है क्योंकि पूरी मेडिकल व्यवस्था दुरुस्त है। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में जरूरी दवाइयों और पीपीई किट की पूरी और उचित व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।
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केरल स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अनुसार निपाह एक जूनोटिक वायरस है जो हमेशा जानवरों से इंसानों में बहुत तेजी से फैलता है। फ्रूट बैट्स यानी चमगादड़ इसके प्राकृतिक भंडार माने जाते हैं और यह वायरस सूअरों को भी गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। इस खतरनाक वायरस के संक्रमण से मरीज के दिमाग में तेज सूजन आ जाती है जिसे मेडिकल भाषा में एन्सेफेलाइटिस कहा जाता है। प्रशासन फिलहाल सभी जरूरी सावधानियां बरत रहा है ताकि यह संक्रमण किसी भी कीमत पर न फैले।