स्लीप डेट का खतरा (सौ. सोशल मीडिया) 
हेल्थ

Sleep Debt: कहीं आप भी तो नहीं लेते है 8 घंटे से कम नींद, बढ़ सकता है इस बीमारी का खतरा, जानिए कैसे

Sleep Debt: कम नींद लेने की आदत को स्लीप डेट (Sleep Debt) कहा जाता है। इस बीमारी की वजह से फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर असर पड़ता है। यह बीमारी युवा वर्ग में आमतौर पर देखी जाती है।

दीपिका पाल

Sleep Debt Problem: अच्छी सेहत के लिए जिस तरह से खानपान और व्यायाम जरूरी होता है उतनी ही नींद अच्छी होना जरूरी है। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में कम से कम 7-8 घंटे की भरपूर नींद लेना चाहिए। भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के लिए भरपूर नींद लेना आसान नहीं हो पाता है इसका खामियाजा सेहत को उठाना पड़ता है। आमतौर पर लोग केवल 4-5 घंटे की नींद ले पाते है जो सेहत पर धीरे-धीरे खतरे बढ़ाती है।

इस तरह कोटे से कम नींद लेने की आदत को स्लीप डेट (Sleep Debt) कहा जाता है। इस बीमारी की वजह से फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर असर पड़ता है। चलिए सही तरीके से जानते है स्लीप डेट की टर्मिनोलॉजी।

पहले जानिए क्या होता है स्लीप डेट

यहां पर स्लीप डेट की बात की जाए तो, यह बीमारी का खतरा तब होता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक अपनी जरूरत के अनुसार पूरी नींद नहीं ले पाता। इसे यूं समझ सकते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को रोजाना 7-8 घंटे की नींद चाहिए, लेकिन वह केवल 5-6 घंटे ही सो पाता है, तो धीरे-धीरे उसका स्लीप डेट बढ़ता जाता है। अगर यह प्रक्रिया नियमित तौर पर रहती है तो इसका असर आपके शरीर औऱ दिमाग पर बुरी तरह पड़ता है।

जानिए क्या होता है स्लीप डेट का असर

यहां पर स्लीप डेट का असर हमारी सेहत पर किसी ना किसी रूप में मिलता है यानि इसके गंभीर परिणाम हो सकते है। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव- नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, तनाव, डिप्रेशन और फोकस की कमी हो सकती है। याददाश्त कमजोर होना- शरीर में नींद की कमी से याद्दाश्त पर भी बुरा असर पड़ता है। शारीरिक समस्याएं- इस बीमारी के प्रभाव के कारण हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज और इम्युनिटी कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। दिनभर सुस्ती और आलस- स्लीप डेट के कारण दिन में नींद आना, एनर्जी की कमी और काम में मन न लगना जैसी समस्याएं।

जानिए स्लीप डेट से बचाव के तरीके

स्लीप डेट की समस्या से बचने के लिए आपको कई तरह के तरीकों को अपनाना चाहिए जो इस प्रकार है...

1- रात में सोने से पहले स्क्रीन नहीं देखना चाहिए। मोबाइल, लैपटॉप या टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जो नींद लाने में मदद करता है।

2- सोने से चाय और खाने का सेवन नहीं करना चाहिए। सोने से 4-6 घंटे पहले कॉफी, चाय या एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन नहीं करना चाहिए। रात में हल्का खाना ही खाना चाहिए ताकि बेहतर नींद मिल जाए।

3- सोने के लिए आपको वातावरण बेहतर रखना चाहिए।बेडरूम को शांत, अंधेरा और ठंडा रखें। आरामदायक गद्दे और तकिए का इस्तेमाल करें।

4- आपको सोने से पहले किसी तरह का व्यायाम नहीं करना चाहिए। सोने से पहले मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या हल्की स्ट्रेचिंग करें। गुनगुने पानी से नहाना भी अच्छी नींद लेने में मददगार होता है।

5- अगर आप रात में नींद पूरी नहीं कर पाएं है तो आपको पावर नैप लेना चाहिए। दिन में 20-30 मिनट की पावर नैप ले सकते हैं। लेकिन लंबी झपकी लेने से रात की नींद पर असर पड़ सकता है।

6- नियमित व्यायाम करने से नींद अच्छी आती है, लेकिन सोने से ठीक पहले हैवी वर्कआउट न करें।

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