डेंगू (फोटो.सोशल मीडिया)  
हेल्थ

Dengue Platelets: डेंगू में क्यों कम हो जाते हैं प्लेटलेट्स? क्या QDENGA वैक्सीन कर सकती है बचाव

Dengue Fever: डेंगू होने पर सबसे ज्यादा चिंता गिरते हुए प्लेटलेट्स की होती है। गंभीर स्थिति में डॉक्टर प्लेटलेट चढ़वाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या वजह है कि डेंगू में प्लेटलेट्स क्यों गिरते हैं।

रीता राय सागर

Dengue Vaccines: बारिश के शुरु होते ही हमारे आसपास मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है, ऐसे में मच्छरों से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती है। डेंगू होने के बाद सबसे ज्यादा खतरनाक होता है प्लेटलेट्स काउंट का गिरना।

लेकिन अब सवाल यह है कि डेंगू में प्लेटलेट्स क्यों गिरते हैं। इसका उपचार क्या है। कई बार प्लेटलेट्स इतना गिर जाता है कि मरीज की जान पर बन आती है।

क्या होता है डेंगू

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के मुताबिक, डेंगू एक वायरल बुखार है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। डेंगू का वायरस मुख्य रूप से मादा एडीज इजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने पर फैलता है। इसके अलावा कुछ लोगों में एडीज अल्बोपिक्टस के जरिए भी यह वायरस फैल सकता है।

फ्लेविवाइरिडी फैमिली के एक वायरस के कारण लोगों में डेंगू बुखार होता है। आपस में काफी मिलते-जुलते ये वायरस चार तरह के होते हैं। इस वायरस का सेरोटाइप DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 डेंगू बुखार के लिए जिम्मेदार होता है। इनमें से किसी एक सेरोटाइप से संक्रमित होने और उससे उबरने के बाद मरीज के शरीर में उस सेरोटाइप के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाती है, जो आजीवन उसे दोबारा संक्रमण से बचाने का काम करती है।

प्लेटलेट्स (फोटो.सोशल मीडिया)

प्लेटलेट्स क्यों कम होने लगता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया डेंगू बुखार की गंभीरता का एक प्रमुख संकेतक है। प्लेटलेट्स बोन मैरो में बनने वाली छोटी रक्त कोशिकाएं हैं। डेंगू बुखार के दौरान प्लेटलेट्स की संख्या में कमी का मतलब है शरीर की रक्त का थक्का जमना और संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम होना।

डेंगू का बुखार बोन मैरो की गतिविधि को दबा देता है, जो प्लेटलेटस उत्पादन के लिए जिम्मेदार होती है। यह वायरस सीधे तौर पर प्लेटलेट्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और संख्या प्रभावित होती है। डेंगू बुखार से पीड़ित रोगी के शरीर में इस अवस्था के दौरान उत्पन्न एंटीबॉडी बड़ी संख्या में प्लेटलेट्स को नष्ट कर देते हैं।

डेंगू (फोटो.सोशल मीडिया)

क्या है QDENGA और यह कैसे काम करती है?

QDENGA एक लाइव एटेन्यूटेड टेट्रावैलेंट वैक्सीन है। इसका मतलब है कि इसमें डेंगू वायरस का कमजोर रूप शामिल है, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम सभी चार प्रकार के डेंगू वायरस को पहचानने और उनसे लड़ने की क्षमता को विकसित करता है। यह वैक्सीन बिना किसी डेंगू इंफेक्शन के भी लगाया जा सकता है। इस वैक्सीन का मुख्य लक्ष्य डेंगू वायरस से सुरक्षा प्रदान करना है।

QDENGA को दो डोज में दिया जाएगा, जिसमें पहली और दूसरी डोज के बीच तीन महीने का अंतर होगा। क्लीनिकल ट्रायल के अनुसार, दूसरी डोज के एक साल बाद यह वैक्सीन डेंगू के पुष्ट मामलों के खिलाफ लगभग 80 फीसदी तक प्रभावित रहेगा। इसके साथ ही, यह अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को भी 90% तक कम कर सकेगा।

आज की ताजा खबर 15 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सभी बड़ी खबरें

छात्रों की भावनाएं महत्वपूर्ण...CJI की फटकार के बाद बैकफुट पर BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा, लॉ छात्रों से मांगी माफी

तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC नेता उपासना चौधरी पर फेंके अंडे, BJP-ABVP पर हमले का आरोप; मचा सियासी बवाल

नक्सलियों के गढ़ में पहली बार लहराया तिरंगा, अबूझमाड़ के नौ गांवों ने मनाया आजादी का जश्न

Jharkhand Protest: छात्रों ने 20 अगस्त को CM आवास घेरने का किया ऐलान, मांगा CM सोरेन का इस्तीफा