मोबाइल स्क्रीन देखते हुए आंखों में तनाव महसूस करती महिला (सौ. फ्रीपिक) 
हेल्थ

धीरे-धीरे अंधेरे की ओर बढ़ रहे हैं आप? मोबाइल और नींद से जुड़ी ये गलतियां बढ़ा रही आंखों की परेशानी

Common Eye Care Mistakes: डिजिटल स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल और नींद की कमी आंखों के लिए स्लो पॉइजन साबित हो रही है। अपनी इन आदतों को तुरंत बदलें वरना रोशनी जाना तय है।

प्रीति शर्मा

Health Tips: हमारे शरीर का सबसे अनमोल अंग आंखें हैं जिसके जरिए हम इस खूबसूरत दुनिया का देखते हैं। लेकिन हमारी रोज की जाने वाली लापरवाही धीरे-धीरे हमें अंधेरे की ओर ले जा सकती है। अगर आप भी आंखों से जुड़ी कुछ गलतियां दोहराते हैं तो यह आंखों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

समय रहते आंखों से जुड़ी इन बातों को जानने से उनका बचाव किया जा सकता है। हमारी दैनिक दिनचर्या से जुड़े कुछ सामान्य बातें अनजाने में आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। इन आदतों को समय रहते सुधारने से आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके भविष्य की गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

कम नींद लेना

अगर हम रात भर जागते हैं या पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो यह आदत आंखों को थका देती है। जिससे आंखों में जलन, सूखापन, लालिमा और डार्क सर्कल्स जैसी समस्या हो सकती है। नींद की कमी से आंखों की मरम्मत नहीं हो पाती है जिससे रोशनी कमजोर हो सकती है। ऐसे में रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है।

अत्यधिक शराब का सेवन

अक्सर ज्यादा शराब का सेवन आंखों की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। इससे विटामिन की कमी हो जाती है जिसकी वजह से नजर धुंधली पड़ सकती है। ड्राई आईज की समस्या बढ़ती है और लंबे समय में मोतियाबिंद या रेटिना को नुकसान का खतरा रहता है।

आंखों की थकान

आज कल के दौर में लोग लंबे समय तक स्क्रीन देखते रहते हैं जिसमें रील स्क्रॉल करना, फिल्म देखना, लैपटॉप पर घंटो बिना रुके काम करना आदि आदतें शामिल है। इसकी वजह से आंखों की मांसपेशियों को आराम नहीं मिल पाता है। इससे आई स्ट्रेन, सिरदर्द और नजर की कमजोरी हो सकती है। थकान को अनदेखा करने से स्थायी नुकसान हो सकता है।

तंबाकू और पान चबाना

अगर आपको धूम्रपान या तंबाकू के सेवन की आदत है तो यह आंखों के लिए जहर के समान है। इसमें मौजूद निकोटीन और टॉक्सिन्स रेटिना और ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे मैकुलर डिजनरेशन, मोतियाबिंद और अंधापन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

गंदे हाथों से आंखें रगड़ना

कई बार हम अनजाने में बिना हाथ को साफ किए आंखों को रगड़ने लगते हैं। हाथों में बैक्टीरिया या गंदगी होने पर आंखें रगड़ने से इंफेक्शन हो सकता है। इससे कंजक्टिवाइटिस, जलन या गंभीर संक्रमण का खतरा रहता है। हमेशा साफ हाथों से ही आंखों को छुएं।

आंखों की देखभाल के लिए पर्याप्त नींद, धूम्रपान और शराब से दूरी, स्क्रीन से ब्रेक और स्वच्छता बहुत जरूरी है। अगर आपको आंखों से जुड़ी कोई समस्या दिखती है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही हेल्दी खाने से आंखों की रोशनी को कमजोर होने से बचाया जा सकता है।

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