दिवाली हेल्थ टिप्स फोटो.सोशल मीडिया
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Diwali Health Tips: पटाखों का धुआं घर में आ जाएं, तो बच्चों को बचाने के लिए अपनाएं ये 7 तरीके

Diwali air pollution: दिवाली से पहले ही पटाखों का धुआं घरों तक पहुंचने लगा है। जानें, खेलने से रोकने, घर की सफाई और AQI चेक करने जैसे कौन-से कदम बच्चों को प्रदूषण से बचाने में मदद कर सकते हैं।

रीता राय सागर

Highlights:

  • पटाखों का धुआं घर में आए, तो खिड़की-दरवाजे बंद रखें और हवा साफ होने पर वेंटिलेशन करें।

  • बच्चों को धुएं के बीच खेलने या दौड़ने न भेजें, बाहर जाने से पहले AQI जांचें।

  • लगातार खांसी, घरघराहट या सांस लेने में परेशानी हो, तो लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

Firecracker Smoke Safety For Kids: दिवाली से पहले ही कई शहरों और कॉलोनियों में पटाखे जलने शुरु हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों को धुएं से बचाना एक चुनौती बन जाता है। खासकर छोटे बच्चों और एलर्जी से परेशान बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हर घर में एयर प्यूरीफायर होना जरूरी नहीं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।

शाम को बालकनी में खेलने न भेजें

अगर आसपास पटाखे जल रहे हैं या हवा में धुआं अधिक दिखाई दे रहा है, तो बच्चे को बालकनी, छत या पार्क में खेलने न दें। दौड़ने और तेज खेलने से सांस लेने की गति बढ़ती है, जिससे पॉल्युटेंट अंदर जा सकते हैं। घर के अंदर पजल, कैरम या ड्राइंग जैसी एक्टिविटी कराएं।

खिड़की कब बंद करें और कब खोलें?

पटाखों का धुआं आपके घर की तरफ आ रहा हो, तो उस तरफ की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। लेकिन पूरे दिन घर को बंद रखना भी सही नहीं है। जब बाहर धुआं कम हो और हवा की गुणवत्ता बेहतर हो, तब कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन करें।

घर में झाड़ू लगाने के बजाय गीले कपड़े से सफाई करें

दिवाली की सफाई में सूखी झाड़ू लगाने से धूल हवा में उड़ सकती है। फर्श पर गीला पोछा लगाएं और सतह को नम कपड़े से साफ करें। बच्चों को उड़ती धूल और तेज खुशबू वाले स्प्रे से भी दूर रखें।

अगर एयर प्यूरीफायर नहीं है, तो क्या करें?

अगर एयर प्यूरीफायर खरीदना संभव न हो, तो सबसे पहले घर में धुआं आने के रास्ते कम करें। पटाखों के धुएं के साथ घर में अगरबत्ती, धूप, मच्छर भगाने वाली कॉइल और सिगरेट का धुआं भी न होने दें।

मास्क पहनाकर बच्चे को बाहर न छोड़ें

बड़े बच्चों को खराब हवा में बाहर जाना जरूरी हो, तो N95 मास्क का इस्तेमाल करें। इससे कुछ हद तक डस्ट पार्टिकल अंदर जाने से बचेंगे। मास्क तभी ठीक से काम करता है जब वह चेहरे पर सही फिट हो। छोटे बच्चों, खासकर दो साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क न पहनाएं। बाहर जाना अवॉयड करना बेहतर है।

दिवाली फंक्शन से पहले AQI देखें

बच्चे को बाहर खेलने या किसी कार्यक्रम में भेजने से पहले अपने शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स जरूर जांच लें। भारत में CPCB के आधिकारिक AQI डैशबोर्ड या SAMEER ऐप से भी जानकारी ली जा सकती है। हवा की गुणवत्ता खराब हो, तो आउटडोर एक्टिविटी को टाल दें।

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