Healthy Weight Management: आम्रपाली दुबे इन दिनों अपने काम के साथ-साथ अपने वजन को लेकर भी चर्चा में हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के शरीर या वजन पर टिप्पणी करने के बजाय वेट मैनेजमेंट को सही तरीके से और स्वस्थ लाइफस्टाइल के साथ मैनेज किया जा सकता है। वजन को मैनेज करना केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी, नींद और रोजमर्रा की आदतों को बैलेंस करना है।
अगर आपका लक्ष्य भी वजन को नियंत्रित करना है, तो केवल खाना कम कर देना पर्याप्त नहीं है। इन 7 आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना अधिक सस्टेनेबल तरीका हो सकता है।
वजन कम करने के लिए भोजन की मात्रा अचानक बहुत कम कर देना सही रणनीति नहीं है। बहुत ज्यादा कंट्रोल करने पर भूख बढ़ती है और बाद में जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं। थाली में प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और गुड फैट जैसे पोषक तत्वों का संतुलन रखें। दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दही, अंडे, सब्जियां और फल भारतीय भोजन में अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
कई लोग वजन कम करने के लिए सुबह या दोपहर का भोजन छोड़ देते हैं और शाम तक बहुत ज्यादा भूख लगने पर अधिक खा लेते हैं। यह आदत लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। दिनभर पर्याप्त और संतुलित भोजन लेने से शाम की तेज भूख और स्नैकिंग से बचा जा सकता है। वजन घटाने के लिए भोजन छोड़ना जरूरी नहीं है।
वजन घटाने को लेकर यह धारणा आम है कि शाम के बाद कुछ भी खाना वजन बढ़ा देता है। लेकिन केवल घड़ी का समय ही वजन तय नहीं करता। पूरे दिन का भोजन, एनर्जी और फिजिकल एक्टिविटी अधिक महत्वपूर्ण होती है। अगर रात में भूख लगती है, तो कोई हेल्दी ऑप्शन ही चुनें। अक्सर देर रात की भूख में मीठा, तला-भुना या अत्यधिक कैलोरी वाले स्नैक्स खाने की चाह होती है, जो वेट मैनेजमेंट में समस्या पैदा कर सकती है।
नियमित शारीरिक गतिविधि वेट मैनेजमेंट के साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। सिर्फ कैलोरी कम करने के लिए व्यायाम करने के बजाय स्ट्रेंथ बढ़ाने और एक्टिव रहने के लिए एक्सरसाइज करें। तेज चलना, योगा, साइकिल चलाना, तैराकी, डांस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना ज्यादा टिकाऊ तरीका है।
वजन प्रबंधन की बात करते समय अक्सर डाइट और एक्सरसाइज पर ही ध्यान दिया जाता है, जबकि नींद और तनाव भी रोजमर्रा की खाने की आदतों को प्रभावित करते हैं। कम नींद के कारण दिनभर थकान महसूस हो सकती है और कुछ लोगों में अधिक खाने या बार-बार स्नैकिंग की इच्छा बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद का समय बनाना और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करना भी हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा है।
सिर्फ वेट मशीन पर दिखाई देने वाली संख्या को अपनी सफलता का पैमाना न बनाएं। अपने भोजन, व्यायाम, नींद और रोजाना की गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए। अगर वजन घटाने के बाद वही पुरानी आदतें वापस आ जाती हैं, तो वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसी आदतें बनाना जरूरी है जिन्हें लंबे समय तक आसानी से अपनाया जा सके।
बहुत कम खाना, लंबे समय तक भोजन छोड़ना या बेहद प्रतिबंधित डाइट अपनाना तेजी से वजन कम करने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसे लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल होता है। इसका मतलब है कि पसंदीदा भोजन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उसकी मात्रा को संतुलित करना, नियमित एक्टिविटी करना, पर्याप्त नींद लेना और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन चुनना।