Maharashtra Politics: AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के बोल बिगड़ गए। उन्होंने नितेश राणे पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र के अंदर बीजेपी में कुछ ऐसे लोग हैं जो धर्म और भाषा के नाम पर नफरत और अराजकता फैला रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस की जवाबदारी बनती है कि ऐसे लोगों को रोके। ये वही इंसान है, जिसने मुसलमानों के खिलाफ इतने गलत अल्फाज बोले है कि हम मस्जिदों में घुस-घुसकर मारेंगे।
वारिस पठान ने आगे कहा, तब भी हमने चैलेंज किया था कि आ जा बेटा मस्जिद के अंदर। आएंगे आप दो टांग पर मगर जाएंगे स्ट्रेचर पर। इस तरह से मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलना, उसके लिए तो उनको रिवॉर्ड मिल चुका है। उसी के लिए उन्हें मिनिस्टर बना दिया गया है। अब आकर ये बोलना कि मदरस के अंदर ये पढ़ाओ, ये पढ़ाओ। भाई आप कौन होते हो बोलने वाले? संविधान ने सबको इजाजत दी है, अपना अपना धर्म प्रैक्टिस करने की।
AIMIM नेता ने कहा भारत में हर भाषा का सम्मान जरूरी
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में AIMIM नेता ने कहा कि भाषा की जहां तक बात है तो हर इंसान सब भाषा का सम्मान करता ही है न। हम भारतीय लोग हैं। भारत में सभी भाषा का सम्मान होता है। तमाम जाति-धर्म का सम्मान करना, सबका फर्ज है. मदरसे के अंदर ये मिलता है वो मिलता है, आप क्या कहना चाहते हो? इतना झूठ और नफरत फैलाने का अधिकार आपको किसने दिया है? चुनाव के पहले ये सब स्टंटबाजी हो रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्यों चुप्पी साधे हुए है?
AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि हमको अफसोस इस बात का हो रहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्यों चुप बैठे हैं? क्यों ऐसे लोगों को वो रोकते नहीं हैं, जो आए दिन मुसलमानों के खिलाफ नफरत घोल रहे हैं? इन लोगों को रोकना चाहिए। राज्य के अंदर शांति रखनी है। ये लोग तो अराजकता फैला रहे हैं पूरी तरह से, पूरी तरह से नफरत फैलाने की बात हो रही है। हम तो चाहेंगे कि बीजेपी ऐसे लोगों की जुबान पर लगाम लगाए ताकि महाराष्ट्र के अंदर वातावरण बना रहे।