Jharkhand JPSC JSSC Exams Cancelled: झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी/एसआईटी जांच के बीच 39 परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है और 6 परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इनमें हाल की भर्तियों के साथ कई पुरानी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
झारखंड सरकार ने उन परीक्षाओं की सूची जारी की है जिन्हें रद्द कर दिया गया है। ये परीक्षाएं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित और TDPL के जरिए संचालित की जा रही थीं। इनमें गड़बड़ियों की शिकायतों और CID जांच के दौरान सरकार के सामने आए तथ्यों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
झारखंड सरकार ने JPSC द्वारा आयोजित उन परीक्षाओं की सूची भी जारी की है जो TDPL के अलावा किसी दूसरी एजेंसी द्वारा कराई गई थीं। इन मामलों में संबंधित एजेंसियों की क्रिडेंशियल्स की जांच CID करेगी। इन परीक्षाओं से जुड़ी सभी गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
झारखंड सरकार ने JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं की सूची जारी की है। गड़बड़ियों की शिकायतों और इस मामले में CID या SIT की जांच के बाद इन्हें रद्द कर दिया गया है।
JPSC/JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध हाई कोर्ट से किया जाएगा।
JPSC और JSSC के भीतर एक इंटरनल मॉनिटरिंग सेल (आंतरिक निगरानी सेल) बनाया जाएगा।
JPSC और JSSC में परीक्षा सुधारों पर व्यापक अध्ययन करने के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी। इस समिति में अन्य अधिकारियों के साथ-साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक भी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। समिति अगले दो महीनों के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं। पहला, परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। दूसरा, JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया और कामकाज पर निगरानी रखने के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। तीसरा, परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा। समिति दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली और पूरी प्रक्रिया का अध्ययन कर दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।