JPSC-JSSC विवाद पर फैसला आज, हेमंत सोरेन और छात्र नेताओं के बीच आखिरी बातचीत! राजभवन घेराव को तैयार

JPSC JSSC Student Protest: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। आज सरकार और छात्रों के बीच आखिरी बैठक होगी। मांगें नहीं मानीं तो 10 अगस्त को राजभवन घेराव होगा।
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झारखंड में छात्रों का आंदोलनसौजन्य-IANS
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Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में चार सदस्यीय मंत्री समूह के साथ लंबी बैठक की। यह बैठक सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद हुई है। माना जा रहा है कि आंदोलित छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से प्रस्तावित समझौते के प्रारूप पर विचार किया गया।

हालांकि छात्रों को कोई भी संतुष्टि भरा जवाब नहीं मिला। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर कार्रवाई का एक ब्लूप्रिंट पेश किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आज यानी रविवार को 9 अगस्त को सरकार और छात्रों के बीच दोपहर 12.30 बजे अहम और आखिरी बैठक होने वाली है।

इस बैठक में यदि सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार नहीं करती तो छात्रों ने बड़ा कदम उठाने का फैसला भी ले लिया है। बताया जा रहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो छात्रों ने 10 अगस्त को राजभवन का घेराव करने की तैयारी की है।

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डेढ़ घंटे से ज्यादा चली बैटक

इस मुद्दे पर गठित मंत्री समूह के नेतृत्वकर्ता सुदिव्य कुमार ने कहा है कि सरकार छात्रों की मांगों पर बेहद गंभीर है और सभी मांगों का तार्किक समाधान निकालने को तत्पर है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच शनिवार दिन में दूसरे दौर की बातचीत हुई थी। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में छात्रों ने अपनी मांगों और उनसे जुड़े तथ्यों को सरकार के सामने रखा। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित कई मुद्दे उठाए।

वार्ता के बाद छात्रों ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी ठोस फैसला नहीं हुआ है। छात्रों ने साफ किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। 10 अगस्त तक प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर उन्होंने पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को जारी रखने की बात कही है।

सरकार की ओर से शामिल प्रतिनिधि

इससे पहले, शुक्रवार को भी सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। उस बैठक में सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल हुए थे। सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव लेने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों के साथ संवाद को लेकर कहा था कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा था कि छात्रों के सवाल, सुझाव और जिज्ञासाएं खुलकर सामने आनी चाहिए। सरकार युवाओं के सुझावों के आधार पर भर्ती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।

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मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठकों का निष्कर्ष

इधर, मुख्यमंत्री आवास में हो रही बैठक में सरकार अब तक हुई बातचीत के निष्कर्षों पर विचार कर रही है। साथ ही छात्रों की मांगों पर आगे की रणनीति और संभावित फैसलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र 29 जुलाई से रांची में आंदोलन कर रहे हैं।

आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई छात्र अनशन पर भी बैठे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सरकार और छात्रों के बीच लगातार दूसरे दिन हुई बातचीत के बाद अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों की बैठक को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय पर दोनों पक्षों की नजर बनी हुई है।

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