झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द के आदेश पर रोक लगाया (सोर्स- सोशल मीडिया)
झारखंड

झारखंड हाई कोर्ट ने पलटा हेमंत सोरेन सरकार का फैसला, JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक

JSSC CGL Exam Cancel: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को झटका देते हुए JSSC CGL और CDPO परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।

अक्षय साहू

JSSC CGL Exam Cancel Stay High Court: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए JSSC CGL और CDPO परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद दोनों परीक्षाओं को रद्द करने का सरकारी निर्णय फिलहाल प्रभावी नहीं होगा। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इन परीक्षाओं के भविष्य को लेकर अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

झारखंड हाई कोर्ट का यह फैसला JPSC और JSSC के उम्मीदवारों के भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच आया है। सरकार ने 18 अगस्त को 22 परीक्षा रद्द करने का आदेश दिए थे, जबकि छह और एग्जाम रोक दिए थे और 17 पुराने एग्जाम की CID जांच का आदेश दिया था।

चयनित छात्रों को मिलेगी राहत 

कोर्ट के नए आदेश से उन छात्रों को राहत मिलेगी जिनकी चयन और नियुक्ति सरकार के आदेश के बाद प्रभावित रद्द हो गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है, और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद हजारों उम्मीदवारों की करीबी नजर रहने की संभावना है, खासकर वे जो पहले ही प्रभावित परीक्षा पास कर चुके थे और कुछ मामलों में सरकारी नौकरी में शामिल हो गए थे।

सरकार ने 22 परीक्षाएं क्यों रद्द किए?

झारखंड हाई कोर्ट का यह नया दखल रांची में JPSC और JSSC के उम्मीदवारों के सरकारी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर 26 दिनों के आंदोलन के बाद आया है। यह विरोध प्रदर्शन भर्ती परीक्षा, खासकर JSSC संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा और आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के जरिए होने वाले परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की पारदर्शी जांच की मांग पर केंद्रित था। यह आंदोलन 29 जुलाई के आसपास शुरू हुआ और लगभग चार हफ्ते तक चला।

अगस्त में विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए, जब छात्रों ने 10 अगस्त को तिरंगा मार्च और झारखंड असेंबली का घेराव करने की योजना बनाई। उस दिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव से तनाव और बढ़ गया। इस बीच, कई उम्मीदवार भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। तीन प्रदर्शनकारियों, रूपेश कुमार पाल, सविता कुमारी और राहुल क्रांति ने सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने और दूसरे उपायों की घोषणा के बाद 19 अगस्त को 15 दिन का उपवास खत्म कर दिया। इससे पहले 18 अगस्त को हेमंत सोरेन सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया था।

कौन-कौन सी परीक्षाएं हुए थी रद्द? 

रद्द की गई परीक्षाओं में 2023 और 2026 के बीच विज्ञापन की गई परीक्षाएं शामिल थीं। 22 में से 19 JPSC द्वारा आयोजित मौजूदा परीक्षाओं और TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ियों की शिकायतों के चलते रद्द की गईं। जिन परीक्षाओं पर असर पड़ा उनमें JSSC CGL, JPSC 11वीं से 13वीं  सिविल सर्विसेज, JPSC 14वीं सिविल सर्विसेज, फूड सेफ्टी ऑफिसर, CDPO और कई दूसरी भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं।

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