

Jharkhand Hemant Soren On JPSC Protest: झारखंड में JPSC, JSSC CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के मामलों में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द ही इसका समाधान सामने आएगा।
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार एक-दो दिनों के भीतर उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। दूसरी ओर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद पूर्ण उपवास की बजाय केवल भोजन छोड़कर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। अभ्यर्थी JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और जो भी अपनी मांग रखना चाहता है, वह सामने आकर अपनी बात रख सकता है। सरकार पहले से कई मुद्दों से अवगत है और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही मामले का ठोस समाधान सामने आएगा।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों के समाधान के लिए अगले एक-दो दिनों में उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दो से तीन दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के समर्थन में अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद उन्होंने पूर्ण उपवास की बजाय केवल भोजन छोड़कर और पानी पीते हुए अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही है।
JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 2 जुलाई को घोषित किया गया था, जिसमें 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि आयोग ने श्रेणीवार कटऑफ जारी नहीं की और सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित OMR शीट को लेकर भी सवाल उठाए गए। दावा किया गया कि कम प्रश्न हल करने वाले एक अभ्यर्थी को भी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कर लिया गया। इन आरोपों के बाद से छात्र लगातार पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।