ओमर अबदुल्ला वायरल वीडियो (सोर्स- सोशल मीडिया) 
जम्मू कश्मीर

उमर अब्दुल्ला की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले यह VIDEO जरूर देखें...तिरंगे रंग की रिबन काटने से किया इंकार

Omar Abdullah Viral Video: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से इनकार कर मिसाल पेश की है। उनका यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं।

सजल रघुवंशी

Omar Abdullah Refuses To Cut Tricolour Ribbon: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसा कदम उठाया, जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी। श्रीनगर स्थित कश्मीर हाट में आयोजित एक प्रतिष्ठित हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उन्होंने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से इनकार कर दिया। यह कार्यक्रम अपने कारीगरों को जानें पहल के तहत आयोजित किया गया था।

जैसे ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला उद्घाटन के लिए कैंची लेकर आगे बढ़े, उनकी नजर रिबन के रंगों भगवा, सफेद और हरे पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपना फैसला बदल लिया।

तिरंगे के रंग देख बदला फैसला

उद्घाटन समारोह के दौरान जब उमर अब्दुल्ला रिबन काटने वाले थे, तभी उन्होंने गौर किया कि रिबन भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से मेल खा रहा है। इसे देखते ही उन्होंने कैंची पीछे कर ली और आयोजकों से रिबन को काटने के बजाय खोलने का अनुरोध किया। उनका मानना था कि तिरंगे के प्रतीकात्मक रंगों को काटना उचित नहीं होगा। इसके बाद रिबन को सावधानीपूर्वक खोला गया और सुरक्षित रख लिया गया।

सोशल मीडिया पर मिली सराहना

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने मुख्यमंत्री के इस फैसले की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि उमर अब्दुल्ला साहब! आपके इस फैसले की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। खैर, जिस देश में राजनीति रंगों के आधार पर भी खेली जाती है, वहां राजनेताओं को हमेशा सतर्क और सावधान रहना चाहिए, वरना वह महान व्यक्ति और उनकी टीम कोई मनगढ़ंत कहानी गढ़ने में देर नहीं लगाएंगे। वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि तिरंगे के सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय सराहनीय है और हर किसी को इससे सीख लेनी चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद रहे कई गणमान्य लोग

इस उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सलाहकार नासिर असलम वानी सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को मंच देना और उनकी कला को बढ़ावा देना था। मुख्यमंत्री के इस फैसले ने कार्यक्रम को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया।

कानून क्या कहता है?

राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत असली भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना या उसे नुकसान पहुंचाना गैर-कानूनी है। हालांकि, न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि तिरंगे के डिज़ाइन या प्रिंट वाले सामान जैसे केक या कागज को काटना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। इसके बावजूद, उमर अब्दुल्ला ने प्रतीकात्मक सम्मान को प्राथमिकता देते हुए एक संवेदनशील उदाहरण पेश किया, जिसे व्यापक सराहना मिल रही है।

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