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एलजी मनोज सिन्हा ने राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराज्यपाल ने भारतीय साहित्य और सिनेमा में मासूम रजा के योगदान को याद किया।
एलजी ने कहा कि रजा साहब की रचनाओं में पूर्वांचल और भारत की झलक मिलती है।
Dr Rahi Masoom Raza Centenary: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रसिद्ध साहित्यकार राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की है। गाजीपुर में आयोजित एक विशेष स्मारक कार्यक्रम में अपने संदेश के माध्यम से उपराज्यपाल ने भारतीय साहित्य और सिनेमा में मासूम रजा के योगदान को याद किया और वर्तमान समय में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि रजा साहब की रचनाओं में गाजीपुर, पूर्वांचल और संपूर्ण भारत की मूल आत्मा की झलक मिलती है। उनकी दृष्टि मानवता और सांस्कृतिक सद्भाव से ओत-प्रोत थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि राही मासूम रजा ने 'आधा गांव', 'टोपी शुक्ला' और 'कट्रो बी अर्जू' जैसे प्रसिद्ध उपन्यासों के साथ-साथ ऐतिहासिक धारावाहिक 'महाभारत' की पटकथा के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया कि भारत की संस्कृति, धरोहर और इसका उज्ज्वल भविष्य देश के प्रत्येक नागरिक का है। उन्होंने कहा कि देश की एकता हमारे संविधानिक आदर्शों, साझा परंपराओं, भाईचारे और सामूहिक आकांक्षाओं पर टिकी हुई है।
युवाओं को प्रेरित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए और साथ ही अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भी तत्पर रहना चाहिए। युवाओं की यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे विकास और विरासत को एक साथ लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं को अपनी संस्कृति के मूल्यों को साथ रखते हुए नवाचार, कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से हर अवसर को एक नई संभावना में बदलना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज देश में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। बुनियादी ढांचे, डिजिटल कनेक्टिविटी, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण, आवास, स्वच्छता और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच के मामले में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इन समावेशी विकास के प्रयासों से आम नागरिकों के जीवन स्तर और उनकी गरिमा में सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'विकसित भारत 2047' के सपने को साकार करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास की आवश्यकता है, ताकि हर क्षेत्र भारत के इस महान परिवर्तन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
अपने संबोधन के दौरान एलजी ने देश की वैश्विक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तक हर क्षेत्र में अपनी शानदार क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। आज पूरी दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत वैश्विक साझीदार के रूप में देख रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपराज्यपाल ने एक मजबूत आह्वान करते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि हम एक विकसित, समृद्ध, शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत भारत के निर्माण के एकल लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें। राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी का यह अवसर हमारे भविष्य को एक नई दिशा देने का बेहतरीन मौका है।