नई दिल्ली: अफगानिस्तान में शनिवार को दोपहर एक बार फिर दोपहर दहशत से भर गई। जब तकरीबन 12:17 बजे 5.8 की तीव्रता से धरती थरथरा उठी। इस भूकंप का प्रभाव जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ दिल्ली-NCR में भी देखने को मिला। हालांकि इस घटना में अब तक जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का असर जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भी महसूस किया गया। श्रीनगर में एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया- मैंने भूकंप महसूस किया। मैं ऑफिस में था, तभी मेरी कुर्सी हिली। कुछ इलाकों से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर भागते नजर आए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप सतह से 86 किलोमीटर नीचे आया। इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में था। यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील जोन में गिना जाता है। इस इलाके में भूकंप आना आम बात है।
इससे पहले भी मार्च महीने में भी अलग-अलग जगहों पर आए भूकंप का असर दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला था। जब म्यांमार में भयावह भूडोल आया था तब भी दिल्ली एनसीआर और जम्मू-कश्मीर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिस तरह से भारत में भूकंप का असर भारत में आए दिन दिख रहा है। उसे देखकर लगता है कि कोई भयावह तबाही दस्तक देने वाली है!
आपको बता दें कि 16 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह करीब 5:36 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसके ढाई घंटे बाद सुबह 8 बजे बिहार के सीवान में भी भूकंप आया। दोनों जगहों पर भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था और इसकी गहराई पांच किलोमीटर बताई जा रही थी।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी। भूकंप के तेज झटकों के कारण दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए थे। हालांकि, इस भूकंप में भी किसी तरह के जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।