Indian Railways Rules: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा, जिसमें महिला ट्रेन के एसी कोच में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट में इलेक्ट्रिक केतली लगाकर मैगी बना रही है। इस वीडियो ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सेंट्रल रेलवे ने महिला यात्री पर कार्रवाई की बात कही है, लेकिन कई ऐसी गतिविधियां हैं, जिन्हें ट्रेन में सफर के दौरान नहीं करनी चाहिए। ऐसे 10 गतिविधियों के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं।
रेलवे एक्ट की सेक्शन 141 के अनुसार बेवजह चेन पुलिंग करना अपराध है। इससे ट्रेन की सुरक्षा, टाइमिंग और संचालन प्रभावित होते हैं। इस गलती पर 1 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। यहां तक की दोनों हो सकते हैं।
एसी कोच के मोबाइल चार्जिंग पॉइंट में इलेक्ट्रिक केतली लगाना, इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाना, हीटिंग रॉड का उपयोग करना फायर हजार्ड माना जाता है। रेलवे एक्ट की सेक्शन-164 और 165 के तहत यह अपराध है। इसमें 6 महीने की जेल तक हो सकती है।
लोग चलती ट्रेन पकड़ते हैं, लेकिन यह रैश एंड नेग्लिजेंट एक्ट है। रेलवे एक्ट की सेक्शन-156 के मुताबिक ऐसा करने पर 6 महीने की जेल या 1000 रुपए का जुर्माना हो सकता है। अगर, चोट लग जाए या किसी और को नुकसान हो तो मामला और गंभीर हो जाता है।
स्मोकिंग रेलवे एक्ट की सेक्शन-167 के तहत अपराध है। AC कोच में सिगरेट जलाना तुरंत फाइन, बल्कि गिरफ्तारी का आधार बन सकता है। बार-बार करने पर जेल की सजा हो सकती है।
सेक्शन-147 के तहत रेलवे संपत्ति में घुसना ट्रेसपासिंग अपराध है। जिस जगह यात्रियों को जाने की अनुमति नहीं होती, वहां जाना 6 महीने की कैद या जुर्माना हो सकता है। या दोनों हो सकते हैं। फोटो/ वीडियो शूट करने के लिए लोग ट्रैक पर जाते हैं, लेकिन जेल की गलती है।
सेक्शन-145 के अनुसार शराब पीकर हंगामा, झगड़ा, यात्रियों को परेशान करना अपराध है। यह सबसे आम अपराधों में से एक है। इसमें रेलवे पुलिस सीधे गिरफ्तारी कर सकती है। इसमें 6 माह की जेल और जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
गैस सिलेंडर, पेट्रोल, केरोसिन, पटाखे आदि लेकर यात्रा करना सेक्शन-164 के तहत गंभीर अपराध है। इस गलती पर जेल और भारी जुर्माना हो सकते हैं। यह गलती पूरी ट्रेन को खतरे में डाल सकती है।
सीट का गद्दा फाड़ना, चादर/ तकिया चुराना, वॉशबेसिन का नल तोड़ना, लाइट/ फैन तोड़ना ये रेलवे संपत्ति की चोरी या नुकसान माना जाता है। इसमें 5 साल तक की जेल हो सकती है।
ट्रेन या स्टेशन पर महिला से बदसलूकी गैर-जमानती अपराध है। इसमें तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी सजा का प्रावधान है। रेलवे मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है।
रेलवे एक्ट की सबसे गंभीर श्रेणी में यह आता है। सेक्शन-150 से 152 के अनुसार ट्रैक खोलना, सिग्नल खराब करना, पटरी पर बाधा डालना यह सफर को खतरनाक बनाने का अपराध है। इसमें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। यह गलती अकेले एक व्यक्ति नहीं, पूरी ट्रेन की जान जोखिम में डाल सकती है।