Heavy Rainfall Alert: राजस्थान, हिमाचल, एमपी और यूपी समेत कई राज्यों में जमकर बारिश हो रही है। आलम ये है कि लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। एक तरफ जहां नदियां उफान पर हैं तो दूसरी ओर सड़कों पर कई फीट ऊपर तक पानी तैर रहा है। लोगों ने सावन में हो रही इस बारिश को आफत की बारिश का नाम दे दिया है।
भारी बारिश की मार झेल रहे राज्यों के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है और सड़कों पर जलभराव से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल के मंडी में सोमवार की देर रात बादल फटने की घटना सामने आई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हैं। प्रशासन ने 15 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। भूस्खलन और तेज जलप्रवाह के चलते कई घरों में मलबा भर गया है। चंडीगढ़-मनाली और मंडी-जोगिंदरनगर फोरलेन बाधित हो गए हैं। जेल रोड, जोनल अस्पताल मार्ग और सैंण एरिया में कई वाहन मलबे में दब गए। इसके अलावा किरतपुर-मनाली और पठानकोट-मंडी हाइवे भी बंद कर दिए गए हैं।\
राजस्थान के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, पाली, सिरोही और झालावाड़ में मूसलधार बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। भीलवाड़ा के बिजौलिया में सड़कों पर नाव चलती देखी गईं। SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। चित्तौड़गढ़ में बेड़च नदी पार करते समय दो बाइक सवार बह गए। सिरोही में एक स्कूल बस, जिसमें 35 बच्चे सवार थे, पुलिया पर फंस गई जिन्हें समय रहते बचा लिया गया।
इसके बाद प्रशासन ने 29 जुलाई को 11 जिलों के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। ये जिले झालावाड़, कोटा, चित्तौड़गढ़, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, धौलपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा और अजमेर हैं। जयपुर मौसम केंद्र ने मंगलवार को तीन जिलों में रेड अलर्ट, पांच में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम में सुधार 1 अगस्त के बाद ही संभव है।
लो प्रेशर सिस्टम और ट्रफ लाइन की वजह से मध्य प्रदेश में कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 34 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें 14 जिलों में अति भारी वर्षा और 20 जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों में कुछ इलाकों में 7 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।
राज्य में 1 जून से 28 जुलाई तक सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 66 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 44 प्रतिशत अधिक है।
सीहोर, विदिशा और अशोकनगर जिलों में भारी वर्षा के चलते 29 और 30 जुलाई को स्कूल और आंगनबाड़ी बंद कर दिए गए हैं। सीहोर कलेक्टर बालागुरु के., विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता और अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह ने आदेश जारी किए हैं। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 जुलाई तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।
भारतीय मौसम विभाग ने 29 जुलाई से 4 अगस्त तक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है। तेज हवाओं और भारी वर्षा के साथ भूस्खलन और जलभराव की आशंका जताई गई है। कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी गई है, जिससे बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और नदियों, पुलों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून अभी अपनी चरम पर है और 1 अगस्त के बाद ही किसी तरह की राहत की उम्मीद की जा सकती है। बारिश की वजह से कई राज्यों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और स्कूलों की बंदी तथा यातायात बाधा ने परेशानियां और बढ़ा दी हैं।