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बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन का भयावह रूप, अबतक 900 भारतीय वापस लौटे

विदेश मंत्रालय के द्वारा जारी आकड़े की बात करें तो कल रात तक पहले खेप में कुल 245 भारतीय नागरिकों की वापसी हो गई थी जिसमें कुल 135 भारतीय छात्र थे। वहीं विदेश मंत्रालय के ताजा आकड़े की माने तो अभी तक कुल 978 भारतीय को वापस बुला लिया गया है। बांग्लादेश में कुल 15000 भारती नागरिक रहते है जिसमें कुल 8000 भारती छात्र है। 

शुभम पाठक

नई दिल्ली: बांग्लादेश में लगभग एक सप्ताह से चल रही हिंसक प्रदर्शन से देश वासियों की स्तिथि बदहाल हो चुकी है। पुलिस प्रशासन इस प्रदर्शन को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी प्रकार की सफलता मिलती हुई नजर नहीं आ रही है। बात अगर बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिक और छात्रों की करें तो अभी तक कुल 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को एक अभियान के तहत को भारत सरकार ने वापस अपने देश बुला लिया है।

विदेश मंत्रालय के द्वारा जारी आकड़े की बात करें तो कल रात तक पहले खेप में कुल 245 भारतीय नागरिकों की वापसी हो गई थी जिसमें कुल 135 भारतीय छात्र थे। वहीं विदेश मंत्रालय के ताजा आकड़े की माने तो अभी तक कुल 978 भारतीय को वापस बुला लिया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि बांग्लादेश में कुल 15000 भारती नागरिक रहते है जिसमें कुल 8000 भारती छात्र है।

जल रहा बांग्लादेश

बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन और भी हिंसक होता जा रहा है। जहां शुक्रवार को पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे, साथ ही राजधानी ढाका में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ ही हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं। आपको बता दें, बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 64 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हैं।

शेख हसीना ने जनता को किया था संबोधित

इससे पहले बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हाल ही में सरकारी नेशनल टेलीविजन पर आकर देश की जनता को संबोधित भी किया था। इस संबोधन में उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसका कोई भी असर नहीं हुआ था। खबर है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी और ज्यादा आक्रोशित हो गए। उन्होंने सरकारी टेलीविजन के दफ्तर पर अटैक कर उसे ही फूंक दिया। हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकारी टेलीविजन के दफ्तर में आग लगाई, इसमें कई पत्रकारों के साथ करीब 1200 कर्मचारी भी मौजूद थे। पुलिस-प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें किसी तरह से तब बचाया।

असफल दिख रही पुलिस

वहीं इस मामले में एएफपी ने पुलिस विभाग और अस्पतालों के हवाले से बताया कि इस हफ्ते अब तक कम से कम 115 लोग मारे गए हैं। समाचार एजेंसी एपी ने स्थानीय अखबारों के जरिए इस हफ्ते मारे गए लोगों की संख्या 103 बताई है। एपी के एक संवाददाता ने 19 जुलाई को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 23 शव देखे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये सभी इसी दिन मारे गए थे।

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