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आंध्र की राजनीति में और कड़वाहट लाएगा 'चर्बी वाला लड्डू', जगन को होगा नुकसान तो किसे मिलेगा फायदा?

तिरुपति लड्डू विवाद को लेकर समूचे देश में हो रही सियासत इस बात की तस्दीक है कि यह मुद्दा सिर्फ धर्म और आस्था तक नहीं सीमित रहेगा। प्रसाद बनाने के लिए कथित तौर पर प्रयोग किया गया मिलावटी घी स्वास्थ्य और सनातन आस्था को भले ही नुकसान पहुंचाए लेकिन यह सियासतदानों को बड़ा राजनैतिक फायदा पहुंचाने वाला है।

अभिषेक सिंह

नई दिल्ली: तिरुपति लड्डू विवाद को लेकर समूचे देश में हो रही सियासत इस बात की तस्दीक है कि यह मुद्दा सिर्फ धर्म और आस्था तक नहीं सीमित रहेगा। प्रसाद बनाने के लिए कथित तौर पर प्रयोग किया गया मिलावटी घी स्वास्थ्य और सनातन आस्था को भले ही नुकसान पहुंचाए लेकिन यह सियासतदानों को बड़ा राजनैतिक फायदा पहुंचाने वाला है।

तिरुपति लड्डू विवाद 90 प्रतिशत हिंदू आबादी वाले आंध्र प्रदेश की राजनीति पर भी गहरा असर डालने वाला हो सकता है। क्योंकि तिरुपति बालाजी में प्रचंड आस्था के चलते लड्डू विवाद से निकली चिंगारी राज्य में सनातन का शोला बनकर वाईएसआरसीपी को तबाह कर सकती है तो दूसरी तरफ सनातन आस्था को मुद्दा बनाकर सियासत करने वालों तपाकर कुंदन भी बना सकती है।

जगन को होगा नुकसान!

पूरी जांच रिपोर्ट के बाद यदि यह साबित हो गया कि घी में आपत्तिजनक मिलावट थी तो वाईएसआरसीपी-सुप्रीमो और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी की राजनीति डांवाडोल हो सकती है। अभी आंध्र प्रदेश या दक्षिण भारत के किसी राज्य में भले ही कोई चुनाव नहीं है, लेकिन यह ऐसा मुद्दा है जिसका असर लंबा होने वाला है।

चंद्रबाबू नायडू ने उठाया था मुद्दा मुद्दा

आंध्र प्रदेश सरकार के मुखिया चंद्रबाबू नायडू और उनकी पार्टी ने सबसे पहले एक रिपोर्ट साझा करते हुए 18 सितंबर को आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल के दौरान तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू के बारे में एक लैब की रिपोर्ट पेश करके आरोप लगा था कि मंदिर के प्रसाद वाले लड्डू में जानवरों की चर्बी व फिश ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा था।

प्रकाश राज बनाम पवन कल्याण

जगन मोहन के शासनकाल में तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम में पशु चर्बी के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के 11 दिनों के उपवास जाने का मतलब यह है कि वह भी अपनी पार्टी जनसेना को इस मुद्दे का लाभ दिलाना चाह रहे हैं।

हालांकि उनके इस दांव पर फिल्मों के विलेन अभिनेता प्रकाश राज ने खलनायकों वाला रिएक्शन देते हुए कहा कि यह उस राज्य में हुआ है जहां के आप डिप्टी सीएम हैं। जांच कीजिए दोषियों को ढूंढिए और कार्रवाई करिए। मुद्दे को सेंसेशनल न बनाइए। प्रकाश राज भी भविष्य में सियासत में आ सकते हैं।

क्यों निस्तेज दिख रही बीजेपी

सुब्रमण्यम स्वामी की सुप्रीम कोर्ट वाली पीआईएल छोड़ दी जाए तो हिंदूवादी राजनीति के लिए मशहूर भारतीय जनता पार्टी ने फिलहाल इस मुद्दे पर उतना अक्रामक नहीं दिखाई दे रही है। जिसके पीछे पीएम मोदी के विदेश में होने को वजह माना जा रहा है और चर्चा हो रही है कि पीएम मोदी के अमेरिका से वापस आने के बाद रणनीति बनाकर इस मुद्दे पर बीजेपी अपना पक्ष रखेगी।

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