BRICS समिट के लिए दिल्ली में शी जिनपिंग (सोर्स- @MEAIndia)
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BRICS Summit: शी जिनपिंग के साथ दो प्रभावशाली नेताओं की नई दिल्ली में मौजूदगी, कौन हैं काई ची और वांग यी?

Xi Jinping In Delhi: राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ दो सबसे प्रभावशाली नेता काई ची और वांग यी मौजूद हैं।

नितिन कुमार राय

Chinese Delegation In Delhi For BRICS: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ उनके राजनीतिक और विदेश-नीति को देखने वाले दो सबसे प्रभावशाली नेता काई ची और वांग यी मौजूद हैं। सबकी नजर आज शाम 5.45 बजे की मुलाकात पर टिकी है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीन के राष्ट्रपति की द्विपक्षीय बैठक होगी।

जिनपिंग के साथ कौन नेता आए भारत?

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना की सेंट्रल कमिटी के पॉलिटिकल ब्यूरो की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य और CPC सेंट्रल कमिटी के जनरल ऑफिस के डायरेक्टर काई ची नई दिल्ली आए हैं। शी के सबसे करीबी लोगों में से एक हैं। जबकि चीन के विदेश मंत्री वांग यी, एक दशक से ज़्यादा समय से बीजिंग की विदेश नीति के केंद्र में रहे हैं।

7 साल बाद नई दिल्ली में जिनपिंग

शी जिनपिंग के साथ दो प्रभावशाली नेताओं की मौजूदगी इसलिए अहम है क्योंकि चीनी राष्ट्रपति सात साल बाद भारत आए हैं, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब नई दिल्ली और बीजिंग कई सालों के तनाव के बाद रिश्तों को स्थिर करने के लिए काम कर रहा है।

काई ची की मौजूदगी क्यों अहम?

70 साल के काई ची सत्ताधारी पार्टी के संगठन और प्रशासन में एक अहम पद पर हैं और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों में से एक हैं। CPC सेंट्रल कमिटी के जनरल ऑफ़िस के डायरेक्टर के तौर पर वह पार्टी के एक शक्तिशाली तंत्र की देखरेख करते हैं और शी जिनपिंग के प्रशासन में अहम भूमिका निभाते हैं। दोनों के बीच लंबे समय से संबंध हैं, जो फ़ुज़ियान और झेजियांग प्रांतों में उनके साथ काम करने के समय से चले आ रहे हैं।

2017 में काई ची का बढ़ा प्रभाव

काई ची का कम्युनिस्ट पार्टी में कद 2017 में तेज़ी से बढ़ा। उन्हें पार्टी की दूसरी सबसे बड़ी फ़ैसला लेने वाली 25 सदस्यों वाली संस्था पोलित ब्यूरो में शामिल हुए। उस समय जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के तौर पर अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया था। हाल के वर्षों में उनका प्रभाव और बढ़ा है। इस साल जून में, काई को CPC सेंट्रल पार्टी स्कूल और नेशनल एकेडमी ऑफ़ गवर्नेंस का प्रमुख नियुक्त किया गया।

शी की विदेश नीति के सूत्रधार

वांग यी हाल के समय में चीन के सबसे लंबे समय तक विदेश मंत्री रहने वाले नेताओं में से एक रहे हैं। अगस्त 2025 में भी वांग यी दो दिन की भारत यात्रा पर आए थें। भारत–चीन सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि मंडल स्‍तर की वार्ता के 24वें दौर में शामिल होने आए थे। उनकी यह यात्रा एनएसए अजीत डोवाल के निमंत्रण हुई थी। जिसके बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ भी द्विपक्षीय बैठक हुई थी।

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