तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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छात्रों के लिए राहत या नया सियासी दांव? CM विजय की NEET खत्म करने की मांग से गरमाई राजनीति, जानें पूरा मामला

Tamil Nadu CM Vijay: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि दो साल के भीतर हुईं इस तरह की बड़ी गड़बड़ी से साफ पता चलता है कि यह सिस्टम अभी भी कमजोर बनी हुई है।

मनोज आर्या

Tamil Nadu CM Vijay On NEET-UG 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से नीट को समाप्त करने और राज्यों को कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति देने की अपील की है।। यह आग्रह नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक होने के बाद रद्द किए जाने के बाद किया गया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी गड़बड़ियां संरचनात्मक खामियों को उजागर करती हैं, जिनका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण, सरकारी स्कूलों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर पड़ता है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को देश के 5,432 केंद्रों पर नीट-यूजी 2026 का आयोजन किया, जिसमें तमिलनाडु के 31 शहरों के केंद्र भी शामिल थे। देशभर में 22 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें तमिलनाडु से लगभग 1.4 लाख उम्मीदवार थे।

CBI कर रही है मामले की जांच

बाद में प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जांच शुरू की। अब यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है। विजय ने कहा कि 2024 में भी नीट परीक्षा को लेकर इसी तरह के विवाद हुए थे, जब परीक्षा पेपर लीक होने के आरोपों के चलते कई राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थीं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कार्रवाई शुरू हुई थी। उस घटना के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने सुधारों के लिए 95 सिफारिशें प्रस्तुत की थीं।

विजय ने सिस्टम पर उठाया सवाल

हालांकि, विजय ने कहा कि दो साल के भीतर हुई एक और बड़ी गड़बड़ी से साफ पता चलता है कि यह सिस्टम अभी भी कमजोर बनी हुई है। नीट के प्रति तमिलनाडु के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परीक्षा ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम के संस्थानों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को असमान रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने तर्क दिया कि यह सिस्टम उन छात्रों के पक्ष में अधिक झुकी हुई है जो महंगे कोचिंग केंद्रों का खर्च उठा सकते हैं और शहरी शिक्षा के लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

चुनाव प्रचार में भी उठा था नीट मुद्दा

मुख्यमंत्री बनने से पहले भी विजय ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नीट के खिलाफ लगातार अभियान चलाया था और तमिलनाडु की इस परीक्षा से छूट की मांग को जारी रखने का वादा किया था। उन्होंने बार-बार यह बात दोहराई थी कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश केंद्रीकृत प्रतियोगी परीक्षा के बजाय दूसरी कक्षा के अंकों के आधार पर होना चाहिए।

तमिलनाडु सीएम विजय ने बुधवार को केंद्र सरकार से नीट को स्थायी रूप से रद्द करने और राज्यों को 12वीं कक्षा के प्रदर्शन के आधार पर राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष की सीटें भरने का अधिकार बहाल करने की अपील दोहराई।

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